ICDS

Supplementary Nutrition Programme

6.5/10

The Supplementary Nutrition Programme is implemented under the Integrated Child Development Services (ICDS) to ensure the provisions of the Food Security Act 2013 and its rules from 2015 and 2017.

राज्य

राज्य / केंद्र शासित प्रदेश: राजस्थान

मंत्रालय / नोडल: Ministry of Women and Child Development

नोडल विभाग: Integrated Child Development Services

योजना किसके लिए: Individual

योजना प्रोफ़ाइल

डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण): नहीं

लक्षित लाभार्थी: Children, महिलाएँ

टैग: Nutrition, Children, Women, Health, Food Security, Rajasthan, ICDS, Supplementary Nutrition, Anganwadi, Support, Beneficiaries, Government Scheme

विवरण

The Supplementary Nutrition Programme is implemented under the Integrated Child Development Services (ICDS) to ensure the provisions of the Food Security Act 2013 and its rules from 2015 and 2017. Beneficiaries receive quality, infection-free supplementary nutrition for 300 days a year, with specific caloric and protein standards set for different groups: children aged 6 months to 6 years receive 500 kcal and 12-15 grams of protein; underweight children in the same age group receive 800 kcal and 20-25 grams of protein; pregnant and lactating mothers receive 600 kcal and 18-20 grams of protein. Financial provisions are set at ₹8.00 per day for children aged 6 months to 6 years, ₹12.00 for underweight children, and ₹9.50 for pregnant and lactating mothers. Due to the COVID-19 pandemic, raw food items such as wheat, rice, and chickpeas are distributed monthly to beneficiaries. The distribution process involves allocation of wheat and rice through the Food Corporation of India, supply of chickpeas from the National Agricultural Cooperative Marketing Federation of India (NAFED), and transportation to fair price shops by the Rajasthan State Food and Civil Supplies Corporation. Anganwadi workers then distribute these items to registered beneficiaries at Anganwadi centers.

लाभ

  • Quality supplementary nutrition for children and mothers
  • Monthly distribution of essential food items
  • Financial support for beneficiaries
  • Support for underweight children and pregnant/lactating women

पात्रता

Eligible beneficiaries include:

  • Children aged 6 months to 6 years
  • Underweight children aged 6 months to 6 years
  • Pregnant and lactating women

यह योजना कितनी उपयोगी है?

जन-लाभ विश्लेषण

नागरिकों के लिए इस योजना का व्यावहारिक मूल्यांकन

AI द्वारा निर्मित अंतर्दृष्टि — यह दर्शाती है कि यह योजना नागरिकों के लिए कितनी उपयोगी, सुलभ और व्यावहारिक हो सकती है। (नियम-आधारित स्कोरिंग + सार्वजनिक नीति LLM विश्लेषक का संयुक्त परिणाम)

6.5
/ 10
जन-लाभ स्कोर
सुलभता 8.0/10 Good
ग्रामीण उपयोगिता 5.0/10 Moderate
आवेदन की जटिलता 3.0/10 Good
वित्तीय प्रभाव 5.0/10 Moderate
साक्षरता बाधा 5.0/10 Moderate
महिला समावेशिता 9.0/10 Good
जागरूकता 4.5/10 Moderate
क्रियान्वयन विश्वसनीयता 8.0/10 Good
बड़ा आकार = नागरिकों के लिए बेहतर योजना
  • सुलभता8.0
  • वित्तीय प्रभाव5.0
  • ग्रामीण उपयोगिता5.0
  • जागरूकता4.5
  • सरलता7.0
  • समावेशिता9.0

यह योजना किस समस्या का समाधान करती है?

पूरक पोषण कार्यक्रम राजस्थान में कमजोर समूहों, विशेष रूप से बच्चों और महिलाओं को आवश्यक पोषण समर्थन प्रदान करता है।

मुख्य चुनौतियाँ जिन्हें यह हल करती है

  • बच्चों में कुपोषण
  • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए पोषण समर्थन

सबसे अधिक लाभदायक

  • 6 महीने से 6 साल तक के बच्चे
  • कम वजन वाले बच्चे
  • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं

संभावित चुनौतियाँ

  • योग्य लाभार्थियों के बीच योजना के प्रति जागरूकता
  • दूरदराज के क्षेत्रों में आंगनवाड़ी केंद्रों तक पहुंच

नागरिकों के लिए व्यावहारिक अंतर्दृष्टि

लाभार्थियों को आंगनवाड़ी केंद्रों तक पहुंचने में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

ग्रामीण चुनौतियाँ

  • आंगनवाड़ी केंद्रों तक सीमित पहुंच
  • योजना के प्रति जागरूकता

क्रियान्वयन की बाधाएँ

  • वितरण लॉजिस्टिक्स

जागरूकता संबंधी चुनौतियाँ

  • ग्रामीण क्षेत्रों में जानकारी की कमी

आवेदन विश्लेषण

आवेदन का माध्यम
ऑफलाइन कार्यालय
दस्तावेज़ों का बोझ
कोई आवश्यक नहीं
सत्यापन की जटिलता
कम
कार्यालय निर्भरता
मध्यम
DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) निर्भरता
नहीं
CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) सहायता
सीमित
अनुमानित नागरिक प्रयास
कम

अनुमानित लाभार्थी पहुँच

  • ग्रामीण / शहरी पहुँच उच्च
  • लैंगिक पहुँच उच्च

लाभ विश्लेषण

लाभ का प्रकार
पोषण समर्थन
लाभ की आवृत्ति
मासिक
लाभ की व्यावहारिकता
उच्च, क्योंकि यह तत्काल पोषण आवश्यकताओं को पूरा करता है
वित्तीय महत्व
मध्यम, क्योंकि वित्तीय सहायता सीमित है
दीर्घकालिक प्रभाव
सकारात्मक, क्योंकि इसका उद्देश्य कुपोषण दरों को कम करना है

सरल भाषा में मार्गदर्शन

पूरक पोषण कार्यक्रम राजस्थान में बच्चों और महिलाओं को खाद्य और पोषण समर्थन प्रदान करता है। योग्य लाभार्थी अपने स्थानीय आंगनवाड़ी केंद्र पर जाकर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

किसे आवेदन करना चाहिए
6 महीने से 6 साल तक के बच्चे और गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाएं।
किसे कठिनाई हो सकती है
वे व्यक्ति जो योजना के बारे में अनजान हैं या जिनकी आंगनवाड़ी केंद्रों तक सीमित पहुंच है।
सर्वोत्तम आवेदन मार्ग
पंजीकरण के लिए निकटतम आंगनवाड़ी केंद्र पर जाएं।

यह इंटेलिजेंस अनुभाग AI नीति विश्लेषक और नियम-आधारित स्कोरिंग के संयुक्त उपयोग से बनाया गया है। यहाँ दिए गए स्कोर व विवरण इस पृष्ठ पर उपलब्ध सार्वजनिक योजना जानकारी से प्राप्त अनुमान हैं; वास्तविक अनुभव राज्य, ज़िले और विभाग के अनुसार बदल सकता है। आवेदन से पहले विवरण की पुष्टि आधिकारिक पोर्टल पर अवश्य करें।

आवेदन प्रक्रिया

Online

To apply, visit the nearest Anganwadi center. No separate application is required as all interested and eligible beneficiaries are registered at the center.

संदर्भ

Scheme page (portal)
https://jaipur.rajasthan.gov.in/scheme/detail/211
Related PDF (portal)
https://jankalyanfile.rajasthan.gov.in/Files//Content/UploadFolder/Scheme/ICDS/ICDS/DOC_211_137786d9-2f58-439b-af49-9eefe5a283cc.pdf
Related PDF (portal)
https://jankalyanfile.rajasthan.gov.in/Files//Content/UploadFolder/Scheme/ICDS/ICDS/DOC_211_2e04953f-0017-453c-a2c1-786b1feb46c8.pdf
Department website
https://www.wcd.rajasthan.gov.in

आवेदन करें

अभी आवेदन करें

आधिकारिक आवेदन या कार्यक्रम पोर्टल नए टैब में खुलता है। संदेह हो तो मंत्रालय की साइट पर विवरण सत्यापित करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Supplementary Nutrition Programme का उद्देश्य क्या है?
Supplementary Nutrition Programme एक सरकारी कल्याण पहल है जो Individual, Children, महिलाएँ को General, वित्तीय सहायता, सब्सिडी, सामाजिक कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा या आजीविका संबंधी लाभों के माध्यम से सहायता प्रदान करने के लिए बनाई गई है।
Supplementary Nutrition Programme के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
Supplementary Nutrition Programme की पात्रता आय श्रेणी, आयु, लिंग, व्यवसाय, निवास राज्य, सामाजिक श्रेणी और सरकार द्वारा निर्धारित लाभार्थी मानदंडों पर निर्भर हो सकती है।
Supplementary Nutrition Programme के तहत क्या लाभ मिलते हैं?
Supplementary Nutrition Programme के तहत वित्तीय सहायता, सब्सिडी, छात्रवृत्ति, बीमा सहायता, स्वास्थ्य लाभ, पेंशन सहायता, प्रशिक्षण या कल्याण सेवाएँ योजना दिशानिर्देशों के अनुसार मिल सकती हैं।
Supplementary Nutrition Programme का प्रबंधन कौन-सा विभाग करता है?
Supplementary Nutrition Programme का प्रबंधन Integrated Child Development Services द्वारा किया जाता है और इसे जिला कार्यालयों, ऑनलाइन पोर्टल, CSC केंद्रों, बैंकों या अधिकृत सरकारी एजेंसियों के माध्यम से लागू किया जा सकता है।
क्या Supplementary Nutrition Programme के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है?
हाँ, पात्र आवेदक आधिकारिक सरकारी पोर्टल, अधिकृत सेवा केंद्रों या डिजिटल आवेदन प्रणालियों के माध्यम से Supplementary Nutrition Programme के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जैसा कि लागू प्रक्रिया में निर्धारित है।
क्या Supplementary Nutrition Programme के लिए आधार अनिवार्य है?
कई सरकारी योजनाओं में लाभार्थी सत्यापन और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के लिए आधार सत्यापन, पहचान प्रमाण या लिंक्ड बैंक खाते की आवश्यकता हो सकती है।
Supplementary Nutrition Programme के लिए आवेदन कहाँ किया जा सकता है?
Supplementary Nutrition Programme के लिए आवेदन सरकारी विभागों, आधिकारिक योजना पोर्टल, CSC केंद्रों, जिला कार्यालयों, कल्याण विभागों या अधिकृत सेवा केंद्रों के माध्यम से जमा किए जा सकते हैं।
Supplementary Nutrition Programme के लिए कौन-से दस्तावेज़ आवश्यक हो सकते हैं?
आवेदकों को आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण, बैंक खाता विवरण, जाति प्रमाण पत्र, फ़ोटो, शैक्षिक अभिलेख या व्यवसाय संबंधी दस्तावेज़ योजना पात्रता के अनुसार आवश्यक हो सकते हैं।
क्या Supplementary Nutrition Programme केवल महिला लाभार्थियों के लिए है?
Supplementary Nutrition Programme मुख्य रूप से पात्र महिला लाभार्थियों को कल्याण सहायता, वित्तीय सहायता, कौशल विकास, स्वास्थ्य या सामाजिक सुरक्षा पहलों के माध्यम से सहायता के लिए है।
क्या Supplementary Nutrition Programme महिलाओं के लिए स्वरोजगार या वित्तीय सहायता प्रदान करती है?
योजना दिशानिर्देशों के अनुसार Supplementary Nutrition Programme महिलाओं के लिए ऋण, सब्सिडी, प्रशिक्षण, स्वरोजगार सहायता या वित्तीय कल्याण लाभ प्रदान कर सकती है।
क्या Supplementary Nutrition Programme स्वास्थ्य या बीमा सहायता प्रदान करती है?
Supplementary Nutrition Programme योजना संरचना के अनुसार स्वास्थ्य सहायता, बीमा कवर, कैशलेस उपचार, चिकित्सा प्रतिपूर्ति या अस्पताल संबंधी लाभ प्रदान कर सकती है।
क्या लाभार्थी सरकारी अस्पतालों में Supplementary Nutrition Programme का उपयोग कर सकते हैं?
पात्र लाभार्थी योजना भागीदारी नियमों के अनुसार पैनल अस्पतालों, सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं या अधिकृत स्वास्थ्य प्रदाताओं पर सेवाएँ प्राप्त कर सकते हैं।
क्या CSC केंद्र Supplementary Nutrition Programme के आवेदन में सहायता कर सकते हैं?
कई सरकारी योजनाएँ निकटवर्ती CSC केंद्रों, अधिकृत डिजिटल सेवा केंद्रों या कल्याण सुविधा कार्यालयों के माध्यम से उपलब्ध हो सकती हैं।
Supplementary Nutrition Programme के नवीनतम अपडेट कैसे देखें?
उपयोगकर्ताओं को आधिकारिक अधिसूचनाएँ, विभागीय घोषणाएँ, आवेदन समय-सीमा और पात्रता अपडेट अधिकृत सरकारी पोर्टल या कार्यान्वयन एजेंसियों से सत्यापित करने चाहिए।
क्या Supplementary Nutrition Programme के लिए आवेदन की स्थिति ट्रैक की जा सकती है?
कुछ योजनाएँ आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन ट्रैकिंग, लाभार्थी सत्यापन या स्थिति जाँच सुविधा प्रदान कर सकती हैं।
राजस्थान में Supplementary Nutrition Programme के लिए सहायता कहाँ मिल सकती है?
राजस्थान के उपयोगकर्ति CSC केंद्रों, जिला कल्याण कार्यालयों, सरकारी विभागों, कृषि कार्यालयों, सामाजिक कल्याण विभागों या अधिकृत सुविधा केंद्रों से सहायता ले सकते हैं।
Supplementary Nutrition Programme आवेदन में कौन-सी निकटवर्ती सार्वजनिक सेवाएँ सहायता कर सकती हैं?
योजना के अनुसार उपयोगकर्तियों को दस्तावेज़ सत्यापन और आवेदन सहायता के लिए आधार केंद्र, CSC केंद्र, बैंक, अस्पताल, डाकघर या सरकारी कल्याण कार्यालयों की आवश्यकता हो सकती है।