SMM
State Millet Mission
6.3/10The mission aims to promote millet cultivation, ensure fair prices for farmers, and strengthen food security in the state. It seeks to support farmers, particularly in mountain districts, by procuring millet crops such as Mandua and Jhangora at the minimum support price through cooperative groups.
राज्य / केंद्र शासित प्रदेश: उत्तराखंड
नोडल विभाग: Agriculture Department
योजना किसके लिए: Individual
योजना प्रोफ़ाइल
डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण): नहीं
श्रेणियाँ: कृषि, ग्रामीण व पर्यावरण
लक्षित लाभार्थी: व्यक्तिगत
टैग: Millet, Farmer, Mandua, Jhangora, Food Security
विवरण
The “State Millet Mission” launched by the Department of Agriculture, Government of Uttarakhand, aims to promote millet cultivation, ensure fair prices for farmers, and strengthen food security in the state. The mission seeks to support farmers, particularly in mountain districts, by procuring millet crops like Mandua and Jhangora at the minimum support price through cooperative groups.
लाभ
- - Under the mission, in the first phase, 16,820 metric tonnes of Mandua and Jhangora are being purchased from farmers’ fields at the minimum support price through cooperative groups by the Cooperative Department
- Under the National Food Security Act, the Government of India will distribute 1 kilogram per month through the Public Distribution System (ration card) via the Food and Supplies Department in four districts: Udham Singh Nagar, Haridwar, Nainital, and Dehradun. Farmers’ groups, LCs/LCFs, or PACS at established procurement centers are free to offer Mandua for sale. To encourage participation, an incentive of ₹150/- per quintal is provided
- Once the PACS accepts the millet crops from the groups, payment will be made through RTGS/NEFT within a maximum of 72 hours
- Under the mission, in the first phase, 16,820 metric tonnes of Mandua and Jhangora are being purchased from farmers’ fields at the minimum support price through cooperative groups by the Cooperative Department.
- Under the National Food Security Act, the Government of India will distribute 1 kilogram per month through the Public Distribution System (ration card) via the Food and Supplies Department in four districts: Udham Singh Nagar, Haridwar, Nainital, and Dehradun. Farmers’ groups, LCs/LCFs, or PACS at established procurement centers are free to offer Mandua for sale. To encourage participation, an incentive of ₹150/- per quintal is provided.
- Once the PACS accepts the millet crops from the groups, payment will be made through RTGS/NEFT within a maximum of 72 hours.
पात्रता
- All farmers from the mountain districts of Uttarakhand are eligible.
यह योजना कितनी उपयोगी है?
नागरिकों के लिए इस योजना का व्यावहारिक मूल्यांकन
AI द्वारा निर्मित अंतर्दृष्टि — यह दर्शाती है कि यह योजना नागरिकों के लिए कितनी उपयोगी, सुलभ और व्यावहारिक हो सकती है। (नियम-आधारित स्कोरिंग + सार्वजनिक नीति LLM विश्लेषक का संयुक्त परिणाम)
- सुलभता9.0
- वित्तीय प्रभाव4.0
- ग्रामीण उपयोगिता7.0
- जागरूकता4.5
- सरलता5.0
- समावेशिता6.0
यह योजना किस समस्या का समाधान करती है?
राज्य बाजरा मिशन का उद्देश्य उत्तराखंड में बाजरा की खेती को बढ़ावा देना और किसानों का समर्थन करना है, विशेष रूप से पहाड़ी जिलों में।
मुख्य चुनौतियाँ जिन्हें यह हल करती है
- खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देता है
- बाजरा किसानों के लिए उचित मूल्य सुनिश्चित करता है
सबसे अधिक लाभदायक
- पहाड़ी जिलों के किसान
- कम आय वाले व्यक्ति जो कृषि पर निर्भर हैं
संभावित चुनौतियाँ
- किसानों के बीच सीमित जागरूकता
- दूरदराज के क्षेत्रों में संभावित लॉजिस्टिक समस्याएँ
नागरिकों के लिए व्यावहारिक अंतर्दृष्टि
मिशन व्यावहारिक है लेकिन किसानों तक बेहतर पहुंच की आवश्यकता है।
ग्रामीण चुनौतियाँ
- जानकारी तक सीमित पहुंच
- उत्पाद बेचने के लिए परिवहन समस्याएँ
डिजिटल चुनौतियाँ
- कम डिजिटल साक्षरता
- ग्रामीण क्षेत्रों में सीमित इंटरनेट पहुंच
क्रियान्वयन की बाधाएँ
- खरीद केंद्रों के बारे में जागरूकता
- सहकारी समूहों के बीच समन्वय
जागरूकता संबंधी चुनौतियाँ
- किसानों को मिशन के बारे में पता नहीं हो सकता है
आवेदन विश्लेषण
- आवेदन का माध्यम
- ऑफलाइन
- दस्तावेज़ों का बोझ
- कोई नहीं
- सत्यापन की जटिलता
- कम
- कार्यालय निर्भरता
- कम
- DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) निर्भरता
- नहीं
- CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) सहायता
- सीमित
- अनुमानित नागरिक प्रयास
- उत्पाद बेचने के लिए न्यूनतम प्रयास की आवश्यकता
अनुमानित लाभार्थी पहुँच
लाभ विश्लेषण
- लाभ का प्रकार
- इन काइंड
- लाभ की आवृत्ति
- खरीद के अनुसार
- लाभ की व्यावहारिकता
- उच्च, क्योंकि यह सीधे किसानों का समर्थन करता है
- वित्तीय महत्व
- मध्यम, MSP और प्रोत्साहनों के आधार पर
- दीर्घकालिक प्रभाव
- खाद्य सुरक्षा और किसान की आय पर सकारात्मक प्रभाव
सरल भाषा में मार्गदर्शन
राज्य बाजरा मिशन उत्तराखंड के किसानों को मंडुआ और झंगोरा जैसे बाजरा उगाने और उचित कीमतों पर बेचने में मदद करता है। कोई आवेदन प्रक्रिया नहीं है; किसान अपने उत्पादों को निर्धारित केंद्रों पर बेच सकते हैं।
- किसे आवेदन करना चाहिए
- उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों के किसान।
- किसे कठिनाई हो सकती है
- जिन किसानों को सीमित जागरूकता या खरीद केंद्रों तक पहुंच नहीं है।
- सर्वोत्तम आवेदन मार्ग
- किसानों को अपने उत्पादों को स्थानीय खरीद केंद्रों पर बेचना चाहिए।
यह इंटेलिजेंस अनुभाग AI नीति विश्लेषक और नियम-आधारित स्कोरिंग के संयुक्त उपयोग से बनाया गया है। यहाँ दिए गए स्कोर व विवरण इस पृष्ठ पर उपलब्ध सार्वजनिक योजना जानकारी से प्राप्त अनुमान हैं; वास्तविक अनुभव राज्य, ज़िले और विभाग के अनुसार बदल सकता है। आवेदन से पहले विवरण की पुष्टि आधिकारिक पोर्टल पर अवश्य करें।
आवेदन प्रक्रिया
Offline
There is no application process. Farmers are required to make their produce available for sale at purchase centers established at the farmer group/LC/LCF level or at the PACS level.
स्पष्टीकरण
myScheme पर प्रकाशित योजना सूचना से अतिरिक्त बिंदु (कानूनी सलाह नहीं)।
- Which millets are included under the mission?
The mission primarily focuses on Mandua (finger millet) and Jhangora (barnyard millet).
- Who can participate in the mission?
All farmers from mountain districts of Uttarakhand are eligible to participate.
- Is there an application process to join the mission?
No, there is no application process. Farmers need to make their produce available at the designated purchase centers.
- How will the millets be procured?
Millets are procured from farmers through cooperative groups at the minimum support price (MSP) at established purchase centers at the farmer group/LC/LCF or PACS level.
- How will the payment be made to farmers?
Payments are made through PACS via RTGS/NEFT within 72 hours after the purchase of millets.
- Are there any incentives for farmer groups?
Yes, an incentive of ₹150 per quintal is provided to encourage farmer groups to participate in the purchase process.
- Where can farmers sell their millets?
Millets can be sold at purchase centers established at the farmer group/LC/LCF level or at the PACS level.
आधिकारिक लिंक
संदर्भ
- Guidelines (Page No. 163)
- https://uk.gov.in/department92/library_file/file-30-01-2025-04-25-16.pdf
आवेदन करें
अभी आवेदन करेंआधिकारिक आवेदन या कार्यक्रम पोर्टल नए टैब में खुलता है। संदेह हो तो मंत्रालय की साइट पर विवरण सत्यापित करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- State Millet Mission का उद्देश्य क्या है?
- State Millet Mission एक सरकारी कल्याण पहल है जो Individual, व्यक्तिगत को कृषि, ग्रामीण व पर्यावरण, वित्तीय सहायता, सब्सिडी, सामाजिक कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा या आजीविका संबंधी लाभों के माध्यम से सहायता प्रदान करने के लिए बनाई गई है।
- State Millet Mission के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
- State Millet Mission की पात्रता आय श्रेणी, आयु, लिंग, व्यवसाय, निवास राज्य, सामाजिक श्रेणी और सरकार द्वारा निर्धारित लाभार्थी मानदंडों पर निर्भर हो सकती है।
- State Millet Mission के तहत क्या लाभ मिलते हैं?
- State Millet Mission के तहत वित्तीय सहायता, सब्सिडी, छात्रवृत्ति, बीमा सहायता, स्वास्थ्य लाभ, पेंशन सहायता, प्रशिक्षण या कल्याण सेवाएँ योजना दिशानिर्देशों के अनुसार मिल सकती हैं।
- State Millet Mission का प्रबंधन कौन-सा विभाग करता है?
- State Millet Mission का प्रबंधन Agriculture Department द्वारा किया जाता है और इसे जिला कार्यालयों, ऑनलाइन पोर्टल, CSC केंद्रों, बैंकों या अधिकृत सरकारी एजेंसियों के माध्यम से लागू किया जा सकता है।
- क्या State Millet Mission के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है?
- हाँ, पात्र आवेदक आधिकारिक सरकारी पोर्टल, अधिकृत सेवा केंद्रों या डिजिटल आवेदन प्रणालियों के माध्यम से State Millet Mission के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जैसा कि लागू प्रक्रिया में निर्धारित है।
- क्या State Millet Mission के लिए आधार अनिवार्य है?
- कई सरकारी योजनाओं में लाभार्थी सत्यापन और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के लिए आधार सत्यापन, पहचान प्रमाण या लिंक्ड बैंक खाते की आवश्यकता हो सकती है।
- State Millet Mission के लिए आवेदन कहाँ किया जा सकता है?
- State Millet Mission के लिए आवेदन सरकारी विभागों, आधिकारिक योजना पोर्टल, CSC केंद्रों, जिला कार्यालयों, कल्याण विभागों या अधिकृत सेवा केंद्रों के माध्यम से जमा किए जा सकते हैं।
- State Millet Mission के लिए कौन-से दस्तावेज़ आवश्यक हो सकते हैं?
- आवेदकों को आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण, बैंक खाता विवरण, जाति प्रमाण पत्र, फ़ोटो, शैक्षिक अभिलेख या व्यवसाय संबंधी दस्तावेज़ योजना पात्रता के अनुसार आवश्यक हो सकते हैं।
- क्या State Millet Mission के लिए आय प्रमाण पत्र आवश्यक है?
- आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता लाभार्थी श्रेणी, सब्सिडी पात्रता और State Millet Mission के तहत निर्धारित वित्तीय सहायता मानदंडों के अनुसार भिन्न हो सकती है।
- क्या छोटे और सीमांत किसान State Millet Mission के लिए आवेदन कर सकते हैं?
- पात्र छोटे और सीमांत किसान भूमि स्वामित्व अभिलेख, आय पात्रता और कृषि लाभार्थी मानदंडों के अधीन State Millet Mission के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- क्या State Millet Mission किसानों को सब्सिडी सहायता प्रदान करती है?
- State Millet Mission योजना संरचना के अनुसार कृषि सब्सिडी, वित्तीय सहायता, फसल सहायता, सिंचाई लाभ, बीमा कवर या कृषि संबंधी कल्याण सहायता प्रदान कर सकती है।
- क्या CSC केंद्र State Millet Mission के आवेदन में सहायता कर सकते हैं?
- कई सरकारी योजनाएँ निकटवर्ती CSC केंद्रों, अधिकृत डिजिटल सेवा केंद्रों या कल्याण सुविधा कार्यालयों के माध्यम से उपलब्ध हो सकती हैं।
- State Millet Mission के नवीनतम अपडेट कैसे देखें?
- उपयोगकर्ताओं को आधिकारिक अधिसूचनाएँ, विभागीय घोषणाएँ, आवेदन समय-सीमा और पात्रता अपडेट अधिकृत सरकारी पोर्टल या कार्यान्वयन एजेंसियों से सत्यापित करने चाहिए।
- क्या State Millet Mission के लिए आवेदन की स्थिति ट्रैक की जा सकती है?
- कुछ योजनाएँ आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन ट्रैकिंग, लाभार्थी सत्यापन या स्थिति जाँच सुविधा प्रदान कर सकती हैं।
- उत्तराखंड में State Millet Mission के लिए सहायता कहाँ मिल सकती है?
- उत्तराखंड के उपयोगकर्ति CSC केंद्रों, जिला कल्याण कार्यालयों, सरकारी विभागों, कृषि कार्यालयों, सामाजिक कल्याण विभागों या अधिकृत सुविधा केंद्रों से सहायता ले सकते हैं।
- State Millet Mission आवेदन में कौन-सी निकटवर्ती सार्वजनिक सेवाएँ सहायता कर सकती हैं?
- योजना के अनुसार उपयोगकर्तियों को दस्तावेज़ सत्यापन और आवेदन सहायता के लिए आधार केंद्र, CSC केंद्र, बैंक, अस्पताल, डाकघर या सरकारी कल्याण कार्यालयों की आवश्यकता हो सकती है।