GCDDD
Grant in Case of Death Due to Disaster
6.7/10The scheme aims to provide financial assistance to the families/dependents of individuals who lose their lives due to any disaster. Under this scheme, an amount of ₹4,00,000/- is given as ex-gratia to support the affected families.
राज्य / केंद्र शासित प्रदेश: उत्तराखंड
नोडल विभाग: Department Of Disaster Management
योजना किसके लिए: Family
योजना प्रोफ़ाइल
डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण): नहीं
श्रेणियाँ: सामाजिक कल्याण और सशक्तिकरण
उप-श्रेणियाँ: Crisis/Disaster/Accident
लक्षित लाभार्थी: Family
टैग: Disaster, Grant, Death, Ex-gratia
विवरण
The scheme “Grant in Case of Death Due to Disaster” is implemented by the Uttarakhand State Disaster Management Authority under the Department of Disaster Management, Government of Uttarakhand. The scheme aims to provide financial assistance to the families or dependents of individuals who lose their lives due to any disaster.
लाभ
- Under this scheme the dependents of the deceased receive financial assistance of ₹4 00 000/- as an ex-gratia grant
Under this scheme, the dependents of the deceased receive financial assistance of ₹4,00,000/- as an ex-gratia grant.
पात्रता
- The applicant must be a resident of Uttarakhand.
- The applicant should be a disaster-affected person/ belong to a disaster-affected family or an individual involved in relief or pre-preparation related work.
यह योजना कितनी उपयोगी है?
नागरिकों के लिए इस योजना का व्यावहारिक मूल्यांकन
AI द्वारा निर्मित अंतर्दृष्टि — यह दर्शाती है कि यह योजना नागरिकों के लिए कितनी उपयोगी, सुलभ और व्यावहारिक हो सकती है। (नियम-आधारित स्कोरिंग + सार्वजनिक नीति LLM विश्लेषक का संयुक्त परिणाम)
- सुलभता6.0
- वित्तीय प्रभाव9.0
- ग्रामीण उपयोगिता7.0
- जागरूकता4.5
- सरलता5.0
- समावेशिता7.0
यह योजना किस समस्या का समाधान करती है?
यह योजना आपदाओं से प्रभावित परिवारों को आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करती है, यह सुनिश्चित करते हुए कि उन्हें संकट के समय में समय पर सहायता मिले।
मुख्य चुनौतियाँ जिन्हें यह हल करती है
- आपदा पीड़ितों के परिवारों के लिए वित्तीय सहायता
सबसे अधिक लाभदायक
- आपदाओं के कारण मृत व्यक्तियों के परिवार
संभावित चुनौतियाँ
- सत्यापन प्रक्रिया सहायता में देरी कर सकती है
- ग्रामीण जनसंख्या में सीमित जागरूकता
नागरिकों के लिए व्यावहारिक अंतर्दृष्टि
जो लोग प्रक्रिया के बारे में जानते हैं उनके लिए व्यावहारिक, लेकिन कई सत्यापन चरणों में संघर्ष कर सकते हैं।
ग्रामीण चुनौतियाँ
- योजना के बारे में सीमित जागरूकता
- सत्यापन के लिए स्थानीय अधिकारियों पर निर्भरता
डिजिटल चुनौतियाँ
- निम्न डिजिटल साक्षरता
- ऑनलाइन संसाधनों तक सीमित पहुंच
क्रियान्वयन की बाधाएँ
- सत्यापन में देरी
- ब्यूरोक्रेटिक बाधाएँ
जागरूकता संबंधी चुनौतियाँ
- ग्रामीण क्षेत्रों में कम पहुंच
आवेदन विश्लेषण
- आवेदन का माध्यम
- ऑफलाइन कार्यालय
- दस्तावेज़ों का बोझ
- न्यूनतम, कोई विशेष दस्तावेज़ आवश्यक नहीं
- सत्यापन की जटिलता
- मध्यम, इसमें कई स्तरों का सत्यापन शामिल है
- कार्यालय निर्भरता
- उच्च, स्थानीय कार्यालयों में जाने की आवश्यकता है
- CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) सहायता
- सीमित
- अनुमानित नागरिक प्रयास
- मध्यम, अधिकारियों के साथ फॉलो-अप की आवश्यकता है
अनुमानित लाभार्थी पहुँच
लाभ विश्लेषण
- लाभ का प्रकार
- नकद
- लाभ की आवृत्ति
- एक बार
- लाभ की व्यावहारिकता
- उच्च, तत्काल वित्तीय राहत प्रदान करता है
- वित्तीय महत्व
- उच्च, प्रभावित परिवारों के लिए महत्वपूर्ण राशि
- दीर्घकालिक प्रभाव
- सकारात्मक, हानि से उबरने में मदद करता है
सरल भाषा में मार्गदर्शन
यह योजना उन परिवारों की मदद करती है जो आपदाओं के कारण एक सदस्य को खो देते हैं, वित्तीय सहायता प्रदान करके। इसका उद्देश्य कठिन समय में उनके बोझ को हल्का करना है।
- किसे आवेदन करना चाहिए
- उत्तराखंड में आपदाओं में मरे व्यक्तियों के परिवार।
- किसे कठिनाई हो सकती है
- जो आवेदन प्रक्रिया से अनजान हैं या स्थानीय समर्थन की कमी है।
- सर्वोत्तम आवेदन मार्ग
- एक पटवारी की मदद से स्थानीय कार्यालयों के माध्यम से आवेदन करें।
यह इंटेलिजेंस अनुभाग AI नीति विश्लेषक और नियम-आधारित स्कोरिंग के संयुक्त उपयोग से बनाया गया है। यहाँ दिए गए स्कोर व विवरण इस पृष्ठ पर उपलब्ध सार्वजनिक योजना जानकारी से प्राप्त अनुमान हैं; वास्तविक अनुभव राज्य, ज़िले और विभाग के अनुसार बदल सकता है। आवेदन से पहले विवरण की पुष्टि आधिकारिक पोर्टल पर अवश्य करें।
आवेदन प्रक्रिया
Offline
Information about the disaster and the resulting damage is received from various sources. The concerned Patwari verifies the damage and records it in the P-20 form. The Patwari’s report is subsequently verified by the Tehsildar and the Sub-Divisional Magistrate. Approval is then obtained from the District Magistrate. Once the District Magistrate’s approval is received, relief funds are disbursed to the concerned beneficiaries at the Tehsil level.
स्पष्टीकरण
myScheme पर प्रकाशित योजना सूचना से अतिरिक्त बिंदु (कानूनी सलाह नहीं)।
- How much financial assistance is provided under the scheme?
An ex-gratia grant of ₹4.00 lakh is provided to the dependent of each deceased person.
- Who is eligible to receive this financial assistance?
The dependents or family members of persons who lose their lives due to any disaster in Uttarakhand are eligible for this grant.
- Are relief workers also eligible under this scheme?
Yes. Individuals involved in relief operations or pre-preparation activities who die during such duties are also eligible under this scheme.
- Who verifies the information about the disaster and the death?
The concerned Patwari verifies and records the details in Form P-20, which is further confirmed by the Tehsildar and Sub-Divisional Magistrate (SDM).
- What is the role of the District Magistrate in this process?
The District Magistrate reviews and approves the verified reports submitted by the SDM before the relief funds are disbursed.
- How are the relief funds disbursed
After the District Magistrate’s approval, the relief funds are disbursed at the Tehsil level to the eligible dependent or family of the deceased.
आधिकारिक लिंक
संदर्भ
- Guidelines (Page No. 304)
- https://uk.gov.in/department92/library_file/file-04-12-2023-06-02-23.pdf
आवेदन करें
अभी आवेदन करेंआधिकारिक आवेदन या कार्यक्रम पोर्टल नए टैब में खुलता है। संदेह हो तो मंत्रालय की साइट पर विवरण सत्यापित करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- Grant in Case of Death Due to Disaster का उद्देश्य क्या है?
- Grant in Case of Death Due to Disaster एक सरकारी कल्याण पहल है जो Family, Family को सामाजिक कल्याण और सशक्तिकरण, वित्तीय सहायता, सब्सिडी, सामाजिक कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा या आजीविका संबंधी लाभों के माध्यम से सहायता प्रदान करने के लिए बनाई गई है।
- Grant in Case of Death Due to Disaster के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
- Grant in Case of Death Due to Disaster की पात्रता आय श्रेणी, आयु, लिंग, व्यवसाय, निवास राज्य, सामाजिक श्रेणी और सरकार द्वारा निर्धारित लाभार्थी मानदंडों पर निर्भर हो सकती है।
- Grant in Case of Death Due to Disaster के तहत क्या लाभ मिलते हैं?
- Grant in Case of Death Due to Disaster के तहत वित्तीय सहायता, सब्सिडी, छात्रवृत्ति, बीमा सहायता, स्वास्थ्य लाभ, पेंशन सहायता, प्रशिक्षण या कल्याण सेवाएँ योजना दिशानिर्देशों के अनुसार मिल सकती हैं।
- Grant in Case of Death Due to Disaster का प्रबंधन कौन-सा विभाग करता है?
- Grant in Case of Death Due to Disaster का प्रबंधन Department Of Disaster Management द्वारा किया जाता है और इसे जिला कार्यालयों, ऑनलाइन पोर्टल, CSC केंद्रों, बैंकों या अधिकृत सरकारी एजेंसियों के माध्यम से लागू किया जा सकता है।
- क्या Grant in Case of Death Due to Disaster के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है?
- हाँ, पात्र आवेदक आधिकारिक सरकारी पोर्टल, अधिकृत सेवा केंद्रों या डिजिटल आवेदन प्रणालियों के माध्यम से Grant in Case of Death Due to Disaster के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जैसा कि लागू प्रक्रिया में निर्धारित है।
- क्या Grant in Case of Death Due to Disaster के लिए आधार अनिवार्य है?
- कई सरकारी योजनाओं में लाभार्थी सत्यापन और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के लिए आधार सत्यापन, पहचान प्रमाण या लिंक्ड बैंक खाते की आवश्यकता हो सकती है।
- Grant in Case of Death Due to Disaster के लिए आवेदन कहाँ किया जा सकता है?
- Grant in Case of Death Due to Disaster के लिए आवेदन सरकारी विभागों, आधिकारिक योजना पोर्टल, CSC केंद्रों, जिला कार्यालयों, कल्याण विभागों या अधिकृत सेवा केंद्रों के माध्यम से जमा किए जा सकते हैं।
- Grant in Case of Death Due to Disaster के लिए कौन-से दस्तावेज़ आवश्यक हो सकते हैं?
- आवेदकों को आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण, बैंक खाता विवरण, जाति प्रमाण पत्र, फ़ोटो, शैक्षिक अभिलेख या व्यवसाय संबंधी दस्तावेज़ योजना पात्रता के अनुसार आवश्यक हो सकते हैं।
- क्या CSC केंद्र Grant in Case of Death Due to Disaster के आवेदन में सहायता कर सकते हैं?
- कई सरकारी योजनाएँ निकटवर्ती CSC केंद्रों, अधिकृत डिजिटल सेवा केंद्रों या कल्याण सुविधा कार्यालयों के माध्यम से उपलब्ध हो सकती हैं।
- Grant in Case of Death Due to Disaster के नवीनतम अपडेट कैसे देखें?
- उपयोगकर्ताओं को आधिकारिक अधिसूचनाएँ, विभागीय घोषणाएँ, आवेदन समय-सीमा और पात्रता अपडेट अधिकृत सरकारी पोर्टल या कार्यान्वयन एजेंसियों से सत्यापित करने चाहिए।
- क्या Grant in Case of Death Due to Disaster के लिए आवेदन की स्थिति ट्रैक की जा सकती है?
- कुछ योजनाएँ आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन ट्रैकिंग, लाभार्थी सत्यापन या स्थिति जाँच सुविधा प्रदान कर सकती हैं।
- उत्तराखंड में Grant in Case of Death Due to Disaster के लिए सहायता कहाँ मिल सकती है?
- उत्तराखंड के उपयोगकर्ति CSC केंद्रों, जिला कल्याण कार्यालयों, सरकारी विभागों, कृषि कार्यालयों, सामाजिक कल्याण विभागों या अधिकृत सुविधा केंद्रों से सहायता ले सकते हैं।
- Grant in Case of Death Due to Disaster आवेदन में कौन-सी निकटवर्ती सार्वजनिक सेवाएँ सहायता कर सकती हैं?
- योजना के अनुसार उपयोगकर्तियों को दस्तावेज़ सत्यापन और आवेदन सहायता के लिए आधार केंद्र, CSC केंद्र, बैंक, अस्पताल, डाकघर या सरकारी कल्याण कार्यालयों की आवश्यकता हो सकती है।