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Gau Palan Yojana

6.6/10

The scheme aims to promote cow rearing among eligible Scheduled Caste and Scheduled Tribe beneficiaries, enhancing their livelihood and income generation by providing financial support for cow rearing units.

राज्य नकद

राज्य / केंद्र शासित प्रदेश: उत्तराखंड

नोडल विभाग: Department Of Animal Husbandry

योजना किसके लिए: Individual

योजना प्रोफ़ाइल

डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण): हाँ

श्रेणियाँ: कृषि, ग्रामीण व पर्यावरण

उप-श्रेणियाँ: पशुपालन

लक्षित लाभार्थी: व्यक्तिगत

टैग: Cow, Cow Rearing, Scheduled Caste, Scheduled Tribes, Self-employment, Subsidy

विवरण

The scheme "Gau Palan Yojana" was introduced by the Department of Animal Husbandry, Government of Uttarakhand. The scheme aims to promote cow rearing among eligible Scheduled Caste and Scheduled Tribe beneficiaries, enhancing their livelihood and income generation by providing financial support for cow rearing units.

लाभ

  • Under this scheme a milch cow up to the fourth stage of pregnancy is provided. Of the total cost of ₹40 000/- 90% (₹36 000/-) is borne by the state government while 10% (₹4 000/-) is to be contributed by the beneficiary

Under this scheme, a milch cow up to the fourth stage of pregnancy is provided. Of the total cost of ₹40,000/-, 90% (₹36,000/-) is borne by the state government, while 10% (₹4,000/-) is to be contributed by the beneficiary.

पात्रता

  1. The applicant must be a resident of Uttarakhand.
  2. The applicant must belong to the General, Scheduled Caste, or Scheduled Tribe category.
  3. The applicant must be included in the SECC (Socio-Economic and Caste Census) category.
  4. The applicant should have an interest in cow rearing.

यह योजना कितनी उपयोगी है?

जन-लाभ विश्लेषण

नागरिकों के लिए इस योजना का व्यावहारिक मूल्यांकन

AI द्वारा निर्मित अंतर्दृष्टि — यह दर्शाती है कि यह योजना नागरिकों के लिए कितनी उपयोगी, सुलभ और व्यावहारिक हो सकती है। (नियम-आधारित स्कोरिंग + सार्वजनिक नीति LLM विश्लेषक का संयुक्त परिणाम)

6.6
/ 10
जन-लाभ स्कोर
सुलभता 6.0/10 Moderate
ग्रामीण उपयोगिता 9.0/10 Good
आवेदन की जटिलता 7.5/10 Challenging
वित्तीय प्रभाव 8.0/10 Good
साक्षरता बाधा 4.0/10 Moderate
महिला समावेशिता 7.0/10 Good
जागरूकता 4.5/10 Moderate
क्रियान्वयन विश्वसनीयता 7.0/10 Good
बड़ा आकार = नागरिकों के लिए बेहतर योजना
  • सुलभता6.0
  • वित्तीय प्रभाव8.0
  • ग्रामीण उपयोगिता9.0
  • जागरूकता4.5
  • सरलता2.5
  • समावेशिता7.0

यह योजना किस समस्या का समाधान करती है?

गौ पालन योजना का उद्देश्य हाशिए पर रहने वाले समुदायों में गाय पालन का समर्थन करना है, जिससे आजीविका बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

मुख्य चुनौतियाँ जिन्हें यह हल करती है

  • अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लाभार्थियों के लिए आय बढ़ाना
  • गाय पालन के माध्यम से आत्म-रोज़गार को बढ़ावा देना

सबसे अधिक लाभदायक

  • अनुसूचित जाति के व्यक्ति
  • अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति
  • कृषि में रुचि रखने वाले निम्न-आय वाले परिवार

संभावित चुनौतियाँ

  • योग्य लाभार्थियों के बीच योजना के बारे में जागरूकता
  • आवेदन प्रक्रिया में जटिलता

नागरिकों के लिए व्यावहारिक अंतर्दृष्टि

गाय पालन में रुचि रखने वालों के लिए व्यावहारिक, लेकिन नौकरशाही बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है

ग्रामीण चुनौतियाँ

  • योजना के बारे में सीमित जागरूकता
  • आवेदन प्रक्रिया के लिए स्थानीय शासन पर निर्भरता

क्रियान्वयन की बाधाएँ

  • धन हस्तांतरण में देरी
  • कई अनुमतियों की आवश्यकता

जागरूकता संबंधी चुनौतियाँ

  • ग्रामीण क्षेत्रों में कम पहुंच

आवेदन विश्लेषण

आवेदन का माध्यम
ऑफलाइन कार्यालय
दस्तावेज़ों का बोझ
आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, जाति प्रमाण पत्र
सत्यापन की जटिलता
कई अनुमतियों के कारण मध्यम
कार्यालय निर्भरता
उच्च, स्थानीय अधिकारियों के साथ बातचीत की आवश्यकता
DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) निर्भरता
हाँ, धन DBT के माध्यम से स्थानांतरित किया जाता है
CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) सहायता
सीमित, मुख्य रूप से ऑफलाइन
अनुमानित नागरिक प्रयास
मध्यम, कई चरणों और अनुमतियों की आवश्यकता

अनुमानित लाभार्थी पहुँच

  • ग्रामीण / शहरी पहुँच उच्च
  • लैंगिक पहुँच मध्यम
  • लक्षित आय वर्ग निम्न-आय समूह
  • व्यवसाय पहुँच कृषि से संबंधित व्यवसाय

लाभ विश्लेषण

लाभ का प्रकार
नकद
लाभ की आवृत्ति
गाय खरीद के लिए एक बार की सहायता
लाभ की व्यावहारिकता
उच्च, क्योंकि यह सीधे गाय पालन का समर्थन करता है
वित्तीय महत्व
महत्वपूर्ण, क्योंकि यह गाय की लागत का 90% कवर करता है
दीर्घकालिक प्रभाव
संभावित रूप से उच्च, यदि लाभार्थी सफलतापूर्वक गाय पालते हैं

सरल भाषा में मार्गदर्शन

गौ पालन योजना उत्तराखंड में योग्य व्यक्तियों को दूध देने वाली गाय खरीदने के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त करने में मदद करती है। इससे गाय पालन के माध्यम से उनकी आय में सुधार हो सकता है।

किसे आवेदन करना चाहिए
उत्तराखंड के निवासी जो अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के समुदायों से हैं और गाय पालन में रुचि रखते हैं।
किसे कठिनाई हो सकती है
वे व्यक्ति जो आवेदन प्रक्रिया से अपरिचित हैं या आवश्यक दस्तावेज़ों की कमी है।
सर्वोत्तम आवेदन मार्ग
आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ स्थानीय ग्राम सभा की बैठकों के माध्यम से आवेदन करें।

यह इंटेलिजेंस अनुभाग AI नीति विश्लेषक और नियम-आधारित स्कोरिंग के संयुक्त उपयोग से बनाया गया है। यहाँ दिए गए स्कोर व विवरण इस पृष्ठ पर उपलब्ध सार्वजनिक योजना जानकारी से प्राप्त अनुमान हैं; वास्तविक अनुभव राज्य, ज़िले और विभाग के अनुसार बदल सकता है। आवेदन से पहले विवरण की पुष्टि आधिकारिक पोर्टल पर अवश्य करें।

आवेदन प्रक्रिया

Offline

  • Interested beneficiaries must submit their proposal in an open meeting of the Gram Sabha. Once the proposal is approved, the beneficiary shall submit it to the Veterinary Officer, Livestock Extension Officer, or Gram Panchayat Development Officer of the respective area, or the Gram Panchayat may submit it on behalf of the beneficiary.
  • Based on the recommendation of the village-level selection committee, the final selection is made by the development block-level committee and forwarded to the Animal Husbandry Department. After selection, the beneficiary will receive funds for purchasing the cow through Direct Benefit Transfer (DBT) within one to two months.
  • Applicants must submit Aadhaar card, bank account details, and caste certificate along with their proposal.

स्पष्टीकरण

myScheme पर प्रकाशित योजना सूचना से अतिरिक्त बिंदु (कानूनी सलाह नहीं)।

Who is eligible for the scheme?

Eligible beneficiaries are from the Scheduled Caste (SC) and Scheduled Tribe (ST) communities listed in the SECC (Socio-Economic and Caste Census) database.

What type of support is provided under the scheme?

The scheme provides financial assistance for purchasing a milch cow up to the fourth stage of pregnancy.

What is the total cost of the scheme?

The total cost of purchasing a cow under the scheme is ₹40,000/-.

How is the cost shared between the government and the beneficiary?

The state government bears 90% (₹36,000/-) of the cost, while the beneficiary contributes 10% (₹4,000/-).

How is the fund transferred to the beneficiary?

Funds are provided through Direct Benefit Transfer (DBT) at the time of cow purchase.

How can a beneficiary apply for the scheme?

Interested beneficiaries must submit their proposal in an open meeting of the Gram Sabha.

How long does it take to receive funds after selection?

Selected beneficiaries receive funds through DBT within one to two months of approval.

संदर्भ

Guidelines (Page No. 236)
https://uk.gov.in/department92/library_file/file-04-12-2023-06-02-23.pdf

आवेदन करें

अभी आवेदन करें

आधिकारिक आवेदन या कार्यक्रम पोर्टल नए टैब में खुलता है। संदेह हो तो मंत्रालय की साइट पर विवरण सत्यापित करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Gau Palan Yojana का उद्देश्य क्या है?
Gau Palan Yojana एक सरकारी कल्याण पहल है जो Individual, व्यक्तिगत को कृषि, ग्रामीण व पर्यावरण, वित्तीय सहायता, सब्सिडी, सामाजिक कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा या आजीविका संबंधी लाभों के माध्यम से सहायता प्रदान करने के लिए बनाई गई है।
Gau Palan Yojana के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
Gau Palan Yojana की पात्रता आय श्रेणी, आयु, लिंग, व्यवसाय, निवास राज्य, सामाजिक श्रेणी और सरकार द्वारा निर्धारित लाभार्थी मानदंडों पर निर्भर हो सकती है।
Gau Palan Yojana के तहत क्या लाभ मिलते हैं?
Gau Palan Yojana के तहत वित्तीय सहायता, सब्सिडी, छात्रवृत्ति, बीमा सहायता, स्वास्थ्य लाभ, पेंशन सहायता, प्रशिक्षण या कल्याण सेवाएँ योजना दिशानिर्देशों के अनुसार मिल सकती हैं।
Gau Palan Yojana का प्रबंधन कौन-सा विभाग करता है?
Gau Palan Yojana का प्रबंधन Department Of Animal Husbandry द्वारा किया जाता है और इसे जिला कार्यालयों, ऑनलाइन पोर्टल, CSC केंद्रों, बैंकों या अधिकृत सरकारी एजेंसियों के माध्यम से लागू किया जा सकता है।
क्या Gau Palan Yojana के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है?
हाँ, पात्र आवेदक आधिकारिक सरकारी पोर्टल, अधिकृत सेवा केंद्रों या डिजिटल आवेदन प्रणालियों के माध्यम से Gau Palan Yojana के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जैसा कि लागू प्रक्रिया में निर्धारित है।
क्या Gau Palan Yojana के लिए आधार अनिवार्य है?
कई सरकारी योजनाओं में लाभार्थी सत्यापन और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के लिए आधार सत्यापन, पहचान प्रमाण या लिंक्ड बैंक खाते की आवश्यकता हो सकती है।
Gau Palan Yojana के लिए आवेदन कहाँ किया जा सकता है?
Gau Palan Yojana के लिए आवेदन सरकारी विभागों, आधिकारिक योजना पोर्टल, CSC केंद्रों, जिला कार्यालयों, कल्याण विभागों या अधिकृत सेवा केंद्रों के माध्यम से जमा किए जा सकते हैं।
Gau Palan Yojana के लिए कौन-से दस्तावेज़ आवश्यक हो सकते हैं?
आवेदकों को आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण, बैंक खाता विवरण, जाति प्रमाण पत्र, फ़ोटो, शैक्षिक अभिलेख या व्यवसाय संबंधी दस्तावेज़ योजना पात्रता के अनुसार आवश्यक हो सकते हैं।
क्या Gau Palan Yojana के लिए आय प्रमाण पत्र आवश्यक है?
आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता लाभार्थी श्रेणी, सब्सिडी पात्रता और Gau Palan Yojana के तहत निर्धारित वित्तीय सहायता मानदंडों के अनुसार भिन्न हो सकती है।
क्या छोटे और सीमांत किसान Gau Palan Yojana के लिए आवेदन कर सकते हैं?
पात्र छोटे और सीमांत किसान भूमि स्वामित्व अभिलेख, आय पात्रता और कृषि लाभार्थी मानदंडों के अधीन Gau Palan Yojana के लिए आवेदन कर सकते हैं।
क्या Gau Palan Yojana किसानों को सब्सिडी सहायता प्रदान करती है?
Gau Palan Yojana योजना संरचना के अनुसार कृषि सब्सिडी, वित्तीय सहायता, फसल सहायता, सिंचाई लाभ, बीमा कवर या कृषि संबंधी कल्याण सहायता प्रदान कर सकती है।
क्या CSC केंद्र Gau Palan Yojana के आवेदन में सहायता कर सकते हैं?
कई सरकारी योजनाएँ निकटवर्ती CSC केंद्रों, अधिकृत डिजिटल सेवा केंद्रों या कल्याण सुविधा कार्यालयों के माध्यम से उपलब्ध हो सकती हैं।
Gau Palan Yojana के नवीनतम अपडेट कैसे देखें?
उपयोगकर्ताओं को आधिकारिक अधिसूचनाएँ, विभागीय घोषणाएँ, आवेदन समय-सीमा और पात्रता अपडेट अधिकृत सरकारी पोर्टल या कार्यान्वयन एजेंसियों से सत्यापित करने चाहिए।
क्या Gau Palan Yojana के लिए आवेदन की स्थिति ट्रैक की जा सकती है?
कुछ योजनाएँ आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन ट्रैकिंग, लाभार्थी सत्यापन या स्थिति जाँच सुविधा प्रदान कर सकती हैं।
उत्तराखंड में Gau Palan Yojana के लिए सहायता कहाँ मिल सकती है?
उत्तराखंड के उपयोगकर्ति CSC केंद्रों, जिला कल्याण कार्यालयों, सरकारी विभागों, कृषि कार्यालयों, सामाजिक कल्याण विभागों या अधिकृत सुविधा केंद्रों से सहायता ले सकते हैं।
Gau Palan Yojana आवेदन में कौन-सी निकटवर्ती सार्वजनिक सेवाएँ सहायता कर सकती हैं?
योजना के अनुसार उपयोगकर्तियों को दस्तावेज़ सत्यापन और आवेदन सहायता के लिए आधार केंद्र, CSC केंद्र, बैंक, अस्पताल, डाकघर या सरकारी कल्याण कार्यालयों की आवश्यकता हो सकती है।