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Establishment of Broiler Farms

6.5/10

The scheme aims to promote commercial broiler rearing by providing financial assistance in the form of subsidies for poultry rearing and infrastructure development, thereby enhancing income generation and employment opportunities, especially for women and self-help groups (SHGs).

राज्य मिश्रित

राज्य / केंद्र शासित प्रदेश: उत्तराखंड

नोडल विभाग: Department Of Animal Husbandry

योजना किसके लिए: Infra

योजना प्रोफ़ाइल

डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण): नहीं

श्रेणियाँ: कृषि, ग्रामीण व पर्यावरण, व्यवसाय और उद्यमिता

लक्षित लाभार्थी: व्यक्तिगत, Self Help Groups (SHGS)

टैग: Broiler Farms, Subsidy, Yard Construction, Broiler Birds, Self Help Group

विवरण

The scheme “Establishment of Broiler Farms” was introduced by the Department of Animal Husbandry, Government of Uttarakhand. The scheme aims to promote commercial broiler rearing by providing financial assistance in the form of subsidies for poultry rearing and infrastructure development, thereby enhancing income generation and employment opportunities, especially for women and self-help groups (SHGs).

लाभ

  • Under this scheme:
  • A subsidy of ₹15/- per bird is provided for 6 batches, amounting to a total subsidy of ₹45,000/- per beneficiary
  • An additional grant of ₹15,000/- per beneficiary is provided for fence construction, making the total subsidy ₹60,000/- per beneficiary
  • With a minimum of 500 broiler birds, the total unit cost is approximately ₹3.05 lakh

Under this scheme:

  • A subsidy of ₹15/- per bird is provided for 6 batches, amounting to a total subsidy of ₹45,000/- per beneficiary.
  • An additional grant of ₹15,000/- per beneficiary is provided for fence construction, making the total subsidy ₹60,000/- per beneficiary.
  • With a minimum of 500 broiler birds, the total unit cost is approximately ₹3.05 lakh.

पात्रता

  1. The applicant must be a resident of Uttarakhand.
  2. The applicant may belong to any caste.
  3. Preference will be given to women and self-help groups (SHGs).
  4. The applicant must own land or have land on lease.
  5. The applicant must have a KYC-certified bank account.

यह योजना कितनी उपयोगी है?

जन-लाभ विश्लेषण

नागरिकों के लिए इस योजना का व्यावहारिक मूल्यांकन

AI द्वारा निर्मित अंतर्दृष्टि — यह दर्शाती है कि यह योजना नागरिकों के लिए कितनी उपयोगी, सुलभ और व्यावहारिक हो सकती है। (नियम-आधारित स्कोरिंग + सार्वजनिक नीति LLM विश्लेषक का संयुक्त परिणाम)

6.5
/ 10
जन-लाभ स्कोर
सुलभता 6.0/10 Moderate
ग्रामीण उपयोगिता 7.0/10 Good
आवेदन की जटिलता 8.5/10 Challenging
वित्तीय प्रभाव 9.0/10 Good
साक्षरता बाधा 4.0/10 Moderate
महिला समावेशिता 9.0/10 Good
जागरूकता 4.5/10 Moderate
क्रियान्वयन विश्वसनीयता 7.0/10 Good
बड़ा आकार = नागरिकों के लिए बेहतर योजना
  • सुलभता6.0
  • वित्तीय प्रभाव9.0
  • ग्रामीण उपयोगिता7.0
  • जागरूकता4.5
  • सरलता1.5
  • समावेशिता9.0

यह योजना किस समस्या का समाधान करती है?

यह योजना उत्तराखंड में ब्रोइलर खेती को बढ़ावा देती है, आय वृद्धि के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है, विशेष रूप से महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों के लिए।

मुख्य चुनौतियाँ जिन्हें यह हल करती है

  • आय वृद्धि को बढ़ावा देती है
  • रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देती है

सबसे अधिक लाभदायक

  • महिलाएं
  • स्वयं सहायता समूह (SHGs)
  • कम आय वाले व्यक्ति

संभावित चुनौतियाँ

  • जटिल आवेदन प्रक्रिया
  • सत्यापन में देरी

नागरिकों के लिए व्यावहारिक अंतर्दृष्टि

उनके लिए व्यावहारिक जो भूमि और संसाधन रखते हैं, लेकिन जिनके पास दस्तावेज़ नहीं हैं, उन्हें बाहर कर सकती है।

ग्रामीण चुनौतियाँ

  • जानकारी तक सीमित पहुंच
  • आवेदन के लिए स्थानीय अधिकारियों पर निर्भरता

डिजिटल चुनौतियाँ

  • निम्न डिजिटल साक्षरता
  • सीमित ऑनलाइन संसाधन

क्रियान्वयन की बाधाएँ

  • सत्यापन प्रक्रिया लाभों में देरी कर सकती है
  • स्थानीय पशु चिकित्सा अधिकारियों पर निर्भरता

जागरूकता संबंधी चुनौतियाँ

  • संभावित लाभार्थियों के बीच जागरूकता कम है

आवेदन विश्लेषण

आवेदन का माध्यम
ऑफलाइन कार्यालय
दस्तावेज़ों का बोझ
आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, भूमि रिकॉर्ड
सत्यापन की जटिलता
मध्यम
कार्यालय निर्भरता
उच्च
DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) निर्भरता
नहीं
CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) सहायता
सीमित
अनुमानित नागरिक प्रयास
आवेदन और फॉलो-अप के लिए मध्यम प्रयास आवश्यक

अनुमानित लाभार्थी पहुँच

  • ग्रामीण / शहरी पहुँच उच्च
  • लैंगिक पहुँच महिला-केंद्रित
  • लक्षित आय वर्ग कम आय वाले व्यक्ति
  • व्यवसाय पहुँच कृषि और आत्म-नियोजित

लाभ विश्लेषण

लाभ का प्रकार
संयुक्त
लाभ की आवृत्ति
प्रत्येक बैच के लिए एक बार की सब्सिडी
लाभ की व्यावहारिकता
उच्च, क्योंकि यह महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता प्रदान करती है
वित्तीय महत्व
9
दीर्घकालिक प्रभाव
ग्रामीण क्षेत्रों में आय और रोजगार पर सकारात्मक प्रभाव

सरल भाषा में मार्गदर्शन

यह योजना उत्तराखंड के निवासियों को ब्रोइलर फार्म शुरू करने में वित्तीय सहायता प्रदान करती है। यह विशेष रूप से महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों के लिए लाभकारी है।

किसे आवेदन करना चाहिए
उत्तराखंड के निवासी जिनके पास खेती के लिए भूमि है।
किसे कठिनाई हो सकती है
वे व्यक्ति जिनके पास भूमि या आवश्यक दस्तावेज़ नहीं हैं।
सर्वोत्तम आवेदन मार्ग
आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ स्थानीय पशु चिकित्सा कार्यालय के माध्यम से आवेदन करें।

यह इंटेलिजेंस अनुभाग AI नीति विश्लेषक और नियम-आधारित स्कोरिंग के संयुक्त उपयोग से बनाया गया है। यहाँ दिए गए स्कोर व विवरण इस पृष्ठ पर उपलब्ध सार्वजनिक योजना जानकारी से प्राप्त अनुमान हैं; वास्तविक अनुभव राज्य, ज़िले और विभाग के अनुसार बदल सकता है। आवेदन से पहले विवरण की पुष्टि आधिकारिक पोर्टल पर अवश्य करें।

आवेदन प्रक्रिया

Offline

  • The Veterinary Officer/Livestock Extension Officer will identify eligible beneficiaries and collect their applications.
  • Applicants must submit their Aadhaar card, bank account details, and land records along with the application form.
  • The Veterinary Officer will prepare a project report, which the livestock owner will submit to the bank. All applications will be forwarded to the Chief Veterinary Officer’s office. The District Executive Committee will conduct the verification, select the beneficiaries, and disburse the subsidy.

स्पष्टीकरण

myScheme पर प्रकाशित योजना सूचना से अतिरिक्त बिंदु (कानूनी सलाह नहीं)।

Who can apply for this scheme?

Any resident of Uttarakhand with their own or leased land can apply for the scheme.

Is there any caste restriction under this scheme?

No, the scheme is open to all castes.

Are women and self-help groups given preference?

Yes, women and members of self-help groups (SHGs) are given priority in the selection process.

What type of financial assistance is provided?

Beneficiaries receive a subsidy of ₹15/- per bird for 6 batches, totaling ₹45,000/-, and an additional ₹15,000/- grant for fence construction, making the total subsidy ₹60,000/- per beneficiary.

What is the minimum unit size required for a broiler farm under this scheme?

The minimum unit should consist of 500 broiler birds, with a total unit cost of approximately ₹3.05 lakh.

Who identifies and verifies the beneficiaries?

The Veterinary Officer or Livestock Extension Officer identifies eligible beneficiaries and verifies their applications.

Where should the applications be submitted?

All completed applications are submitted to the office of the Chief Veterinary Officer of the concerned district.

How is the subsidy disbursed?

After verification and approval, the subsidy amount is disbursed directly to the beneficiary’s bank account through the concerned authorities.

संदर्भ

Guidelines (Page No. 237)
https://uk.gov.in/department92/library_file/file-04-12-2023-06-02-23.pdf

आवेदन करें

अभी आवेदन करें

आधिकारिक आवेदन या कार्यक्रम पोर्टल नए टैब में खुलता है। संदेह हो तो मंत्रालय की साइट पर विवरण सत्यापित करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Establishment of Broiler Farms का उद्देश्य क्या है?
Establishment of Broiler Farms एक सरकारी कल्याण पहल है जो Infra, व्यक्तिगत, Self Help Groups (SHGS) को कृषि, ग्रामीण व पर्यावरण, वित्तीय सहायता, सब्सिडी, सामाजिक कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा या आजीविका संबंधी लाभों के माध्यम से सहायता प्रदान करने के लिए बनाई गई है।
Establishment of Broiler Farms के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
Establishment of Broiler Farms की पात्रता आय श्रेणी, आयु, लिंग, व्यवसाय, निवास राज्य, सामाजिक श्रेणी और सरकार द्वारा निर्धारित लाभार्थी मानदंडों पर निर्भर हो सकती है।
Establishment of Broiler Farms के तहत क्या लाभ मिलते हैं?
Establishment of Broiler Farms के तहत वित्तीय सहायता, सब्सिडी, छात्रवृत्ति, बीमा सहायता, स्वास्थ्य लाभ, पेंशन सहायता, प्रशिक्षण या कल्याण सेवाएँ योजना दिशानिर्देशों के अनुसार मिल सकती हैं।
Establishment of Broiler Farms का प्रबंधन कौन-सा विभाग करता है?
Establishment of Broiler Farms का प्रबंधन Department Of Animal Husbandry द्वारा किया जाता है और इसे जिला कार्यालयों, ऑनलाइन पोर्टल, CSC केंद्रों, बैंकों या अधिकृत सरकारी एजेंसियों के माध्यम से लागू किया जा सकता है।
क्या Establishment of Broiler Farms के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है?
हाँ, पात्र आवेदक आधिकारिक सरकारी पोर्टल, अधिकृत सेवा केंद्रों या डिजिटल आवेदन प्रणालियों के माध्यम से Establishment of Broiler Farms के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जैसा कि लागू प्रक्रिया में निर्धारित है।
क्या Establishment of Broiler Farms के लिए आधार अनिवार्य है?
कई सरकारी योजनाओं में लाभार्थी सत्यापन और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के लिए आधार सत्यापन, पहचान प्रमाण या लिंक्ड बैंक खाते की आवश्यकता हो सकती है।
Establishment of Broiler Farms के लिए आवेदन कहाँ किया जा सकता है?
Establishment of Broiler Farms के लिए आवेदन सरकारी विभागों, आधिकारिक योजना पोर्टल, CSC केंद्रों, जिला कार्यालयों, कल्याण विभागों या अधिकृत सेवा केंद्रों के माध्यम से जमा किए जा सकते हैं।
Establishment of Broiler Farms के लिए कौन-से दस्तावेज़ आवश्यक हो सकते हैं?
आवेदकों को आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण, बैंक खाता विवरण, जाति प्रमाण पत्र, फ़ोटो, शैक्षिक अभिलेख या व्यवसाय संबंधी दस्तावेज़ योजना पात्रता के अनुसार आवश्यक हो सकते हैं।
क्या Establishment of Broiler Farms के लिए आय प्रमाण पत्र आवश्यक है?
आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता लाभार्थी श्रेणी, सब्सिडी पात्रता और Establishment of Broiler Farms के तहत निर्धारित वित्तीय सहायता मानदंडों के अनुसार भिन्न हो सकती है।
क्या छोटे और सीमांत किसान Establishment of Broiler Farms के लिए आवेदन कर सकते हैं?
पात्र छोटे और सीमांत किसान भूमि स्वामित्व अभिलेख, आय पात्रता और कृषि लाभार्थी मानदंडों के अधीन Establishment of Broiler Farms के लिए आवेदन कर सकते हैं।
क्या Establishment of Broiler Farms किसानों को सब्सिडी सहायता प्रदान करती है?
Establishment of Broiler Farms योजना संरचना के अनुसार कृषि सब्सिडी, वित्तीय सहायता, फसल सहायता, सिंचाई लाभ, बीमा कवर या कृषि संबंधी कल्याण सहायता प्रदान कर सकती है।
क्या Establishment of Broiler Farms केवल महिला लाभार्थियों के लिए है?
Establishment of Broiler Farms मुख्य रूप से पात्र महिला लाभार्थियों को कल्याण सहायता, वित्तीय सहायता, कौशल विकास, स्वास्थ्य या सामाजिक सुरक्षा पहलों के माध्यम से सहायता के लिए है।
क्या Establishment of Broiler Farms महिलाओं के लिए स्वरोजगार या वित्तीय सहायता प्रदान करती है?
योजना दिशानिर्देशों के अनुसार Establishment of Broiler Farms महिलाओं के लिए ऋण, सब्सिडी, प्रशिक्षण, स्वरोजगार सहायता या वित्तीय कल्याण लाभ प्रदान कर सकती है।
क्या Establishment of Broiler Farms व्यवसाय ऋण या स्टार्टअप सहायता प्रदान करती है?
Establishment of Broiler Farms उद्यमियों, स्टार्टअप, स्वरोजगार व्यक्तियों, MSME या छोटे व्यवसायों को वित्तीय सहायता, सब्सिडी, ऋण सहायता या प्रशिक्षण के माध्यम से सहायता कर सकती है।
क्या Establishment of Broiler Farms के तहत संपार्श्विक आवश्यक है?
संपार्श्विक आवश्यकता ऋण राशि, कार्यान्वयन एजेंसी, वित्तीय संस्था और सरकारी सब्सिडी संरचना के अनुसार भिन्न हो सकती है।
क्या CSC केंद्र Establishment of Broiler Farms के आवेदन में सहायता कर सकते हैं?
कई सरकारी योजनाएँ निकटवर्ती CSC केंद्रों, अधिकृत डिजिटल सेवा केंद्रों या कल्याण सुविधा कार्यालयों के माध्यम से उपलब्ध हो सकती हैं।
Establishment of Broiler Farms के नवीनतम अपडेट कैसे देखें?
उपयोगकर्ताओं को आधिकारिक अधिसूचनाएँ, विभागीय घोषणाएँ, आवेदन समय-सीमा और पात्रता अपडेट अधिकृत सरकारी पोर्टल या कार्यान्वयन एजेंसियों से सत्यापित करने चाहिए।
क्या Establishment of Broiler Farms के लिए आवेदन की स्थिति ट्रैक की जा सकती है?
कुछ योजनाएँ आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन ट्रैकिंग, लाभार्थी सत्यापन या स्थिति जाँच सुविधा प्रदान कर सकती हैं।
उत्तराखंड में Establishment of Broiler Farms के लिए सहायता कहाँ मिल सकती है?
उत्तराखंड के उपयोगकर्ति CSC केंद्रों, जिला कल्याण कार्यालयों, सरकारी विभागों, कृषि कार्यालयों, सामाजिक कल्याण विभागों या अधिकृत सुविधा केंद्रों से सहायता ले सकते हैं।
Establishment of Broiler Farms आवेदन में कौन-सी निकटवर्ती सार्वजनिक सेवाएँ सहायता कर सकती हैं?
योजना के अनुसार उपयोगकर्तियों को दस्तावेज़ सत्यापन और आवेदन सहायता के लिए आधार केंद्र, CSC केंद्र, बैंक, अस्पताल, डाकघर या सरकारी कल्याण कार्यालयों की आवश्यकता हो सकती है।