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बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना: स्थायी आंशिक विकलांगता

5.9/10

बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत, बिहार में स्थायी आंशिक विकलांगता से पीड़ित कामगारों या शिल्पकारों के परिवारों को ₹37,500 की वित्तीय सहायता के लिए पात्र हैं। पात्रता के लिए, आवेदकों की आयु 18 से 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए, बिहार में निवास करना चाहिए, और असंगठित क्षेत्र में काम करना चाहिए।

राज्य नकद

राज्य / केंद्र शासित प्रदेश: बिहार

नोडल विभाग: श्रम संसाधन विभाग

योजना किसके लिए: व्यक्ति

योजना प्रोफ़ाइल

डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण): नहीं

योजना प्रारंभ तिथि: 2011-04-01

श्रेणियाँ: स्वास्थ्य और कल्याण, सामाजिक कल्याण और सशक्तिकरण

उप-श्रेणियाँ: Crisis/Disaster/Accident, Citizen empowerment

लक्षित लाभार्थी: व्यक्तिगत

टैग: सामाजिक सुरक्षा, असंगठित श्रमिक, शिल्पकार, स्थायी आंशिक विकलांगता

विवरण

“स्थायी आंशिक विकलांगता” के अंतर्गत “बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना” जो श्रम संसाधन विभाग, बिहार द्वारा शुरू की गई है, स्थायी आंशिक विकलांगता की स्थिति में कामगारों या शिल्पकारों के परिवारों को ₹37,500/- की वित्तीय सहायता प्रदान करती है।

लाभ

  • - वित्तीय सहायता: ₹37,500/-।
  • वित्तीय सहायता: ₹37,500/-।

पात्रता

  1. आवेदक बिहार राज्य का निवासी होना चाहिए। 2. आवेदक को बिहार में असंगठित क्षेत्र में कामगार या शिल्पकार के रूप में काम करना चाहिए। 3. आवेदक की आयु 18 से 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए। > नोट: - आवेदक की आयु किसी भी वर्ष के 1 जुलाई के अनुसार गणना की जाएगी। - स्थायी आंशिक विकलांगता: स्थायी आंशिक विकलांगता का अर्थ है कि एक आंख या एक पैर दुर्घटना के कारण बेकार हो जाता है। इसके अलावा, एक आंख/एक पैर लकवे के कारण बेकार हो जाता है।

यह योजना कितनी उपयोगी है?

जन-लाभ विश्लेषण

नागरिकों के लिए इस योजना का व्यावहारिक मूल्यांकन

AI द्वारा निर्मित अंतर्दृष्टि — यह दर्शाती है कि यह योजना नागरिकों के लिए कितनी उपयोगी, सुलभ और व्यावहारिक हो सकती है। (नियम-आधारित स्कोरिंग + सार्वजनिक नीति LLM विश्लेषक का संयुक्त परिणाम)

5.9
/ 10
जन-लाभ स्कोर
सुलभता 5.0/10 Moderate
ग्रामीण उपयोगिता 7.0/10 Good
आवेदन की जटिलता 7.0/10 Challenging
वित्तीय प्रभाव 8.0/10 Good
साक्षरता बाधा 4.0/10 Moderate
महिला समावेशिता 5.0/10 Moderate
जागरूकता 4.5/10 Moderate
क्रियान्वयन विश्वसनीयता 7.0/10 Good
बड़ा आकार = नागरिकों के लिए बेहतर योजना
  • सुलभता5.0
  • वित्तीय प्रभाव8.0
  • ग्रामीण उपयोगिता7.0
  • जागरूकता4.5
  • सरलता3.0
  • समावेशिता5.0

यह योजना किस समस्या का समाधान करती है?

यह योजना स्थायी आंशिक विकलांगता का सामना कर रहे श्रमिकों या कारीगरों के परिवारों को आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जो बिहार में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा में एक महत्वपूर्ण अंतर को संबोधित करती है।

मुख्य चुनौतियाँ जिन्हें यह हल करती है

  • स्थायी आंशिक विकलांगता वाले श्रमिकों के परिवारों के लिए वित्तीय सहायता।

सबसे अधिक लाभदायक

  • बिहार में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और कारीगरों के लिए।

संभावित चुनौतियाँ

  • संभावित लाभार्थियों के बीच योजना के बारे में जागरूकता।
  • सेमी-लिटरेट व्यक्तियों के लिए आवेदन प्रक्रिया में जटिलता।

नागरिकों के लिए व्यावहारिक अंतर्दृष्टि

जो लोग योजना के बारे में जानते हैं उनके लिए व्यावहारिक, लेकिन कम जानकारी वाले लोगों के लिए बाधाएं हैं।

ग्रामीण चुनौतियाँ

  • आवेदन कार्यालयों के बारे में सीमित जागरूकता और पहुंच।

डिजिटल चुनौतियाँ

  • कम डिजिटल साक्षरता और ऑनलाइन संसाधनों तक पहुंच।

क्रियान्वयन की बाधाएँ

  • जिला कार्यालयों में आवेदन प्रक्रिया में संभावित देरी।

जागरूकता संबंधी चुनौतियाँ

  • लक्षित लाभार्थियों के बीच योजना के बारे में कम जागरूकता।

आवेदन विश्लेषण

आवेदन का माध्यम
ऑफलाइन कार्यालय
दस्तावेज़ों का बोझ
न्यूनतम, लेकिन सत्यापन की आवश्यकता है।
सत्यापन की जटिलता
मध्यम, स्थानीय जिला अधिकारियों को शामिल करता है।
कार्यालय निर्भरता
उच्च, भौतिक सबमिशन की आवश्यकता है।
DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) निर्भरता
कोई सीधा लाभ हस्तांतरण नहीं।
CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) सहायता
सीमित, मुख्य रूप से ऑफलाइन।
अनुमानित नागरिक प्रयास
मध्यम, जिला कार्यालय तक यात्रा की आवश्यकता है।

अनुमानित लाभार्थी पहुँच

  • ग्रामीण / शहरी पहुँच मध्यम
  • लैंगिक पहुँच समान
  • लक्षित आय वर्ग कम आय वाले श्रमिक और कारीगर।
  • व्यवसाय पहुँच असंगठित क्षेत्र के श्रमिक और कारीगर।

लाभ विश्लेषण

लाभ का प्रकार
नकद
लाभ की आवृत्ति
एक बार की सहायता।
लाभ की व्यावहारिकता
तत्काल वित्तीय राहत प्रदान करता है।
वित्तीय महत्व
विकलांगता से प्रभावित परिवारों के लिए मध्यम रूप से महत्वपूर्ण।
दीर्घकालिक प्रभाव
अल्पकालिक वित्तीय स्थिरता में मदद करता है लेकिन निरंतर समर्थन की कमी है।

सरल भाषा में मार्गदर्शन

यह योजना बिहार में स्थायी आंशिक विकलांगता से पीड़ित श्रमिकों के परिवारों को ₹37,500 की वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र में सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।

किसे आवेदन करना चाहिए
बिहार के निवासी जो असंगठित क्षेत्र के श्रमिक या कारीगर हैं, आयु 18-65 वर्ष।
किसे कठिनाई हो सकती है
सेमी-लिटरेट व्यक्तियों को आवेदन प्रक्रिया में कठिनाई हो सकती है।
सर्वोत्तम आवेदन मार्ग
स्थानीय जिला अधिकारी के कार्यालय में सीधे आवेदन करें।

यह इंटेलिजेंस अनुभाग AI नीति विश्लेषक और नियम-आधारित स्कोरिंग के संयुक्त उपयोग से बनाया गया है। यहाँ दिए गए स्कोर व विवरण इस पृष्ठ पर उपलब्ध सार्वजनिक योजना जानकारी से प्राप्त अनुमान हैं; वास्तविक अनुभव राज्य, ज़िले और विभाग के अनुसार बदल सकता है। आवेदन से पहले विवरण की पुष्टि आधिकारिक पोर्टल पर अवश्य करें।

आवेदन प्रक्रिया

ऑफलाइन

चरण 1: संबंधित जिला अधिकारी या समिति के कार्यालय में जाएं।
चरण 2: आवेदन पत्र प्राप्त करें; भरें और सभी अनिवार्य दस्तावेज़ संलग्न करें (यदि आवश्यक हो तो सत्यापित)।
चरण 3: पूर्ण आवेदन को संबंधित जिला अधिकारी या श्रम कल्याण समिति को नीचे दिए गए पते पर जमा करें।
कार्यालय का पता: श्रम संसाधन विभाग, बिहार सरकार
बिहार राज्य श्रम कल्याण समिति
नियोजन भवन, पटना- 800 007
फोन: 062-2520 053
ईमेल: edbslws2017@gmail.com

स्पष्टीकरण

myScheme पर प्रकाशित योजना सूचना से अतिरिक्त बिंदु (कानूनी सलाह नहीं)।

“बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना” का उद्देश्य क्या है?

इस योजना का उद्देश्य बिहार में असंगठित क्षेत्र के कामगारों और कारीगरों को वित्तीय सहायता के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।

इस योजना के “स्थायी आंशिक विकलांगता” घटक के तहत कौन सी वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है?

इस घटक के तहत, स्थायी आंशिक विकलांगता की स्थिति में कामगारों या शिल्पकारों के परिवारों को ₹37,500/- की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

योजना के लिए आवेदन करने के लिए कौन पात्र है?

आवेदक को बिहार का निवासी होना चाहिए, असंगठित क्षेत्र में कामगार या शिल्पकार के रूप में काम करना चाहिए, और उसकी आयु 18 से 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

पात्रता के लिए आवेदक की आयु कैसे गणना की जाती है?

आवेदक की आयु किसी भी दिए गए वर्ष के 1 जुलाई के अनुसार गणना की जाती है।

योजना को लागू करने के लिए कौन जिम्मेदार है?

यह योजना बिहार के श्रम विभाग द्वारा लागू की जाती है।

योजना के लिए आवेदन कहाँ जमा किया जाना चाहिए?

आवेदन को आवेदक के जिले में संबंधित जिला अधिकारी या समिति को जमा किया जा सकता है।

क्या यह योजना संगठित क्षेत्रों के कामगारों पर लागू होती है?

नहीं, यह योजना केवल असंगठित क्षेत्र के कामगारों और कारीगरों पर लागू होती है।

क्या यह योजना कुल स्थायी विकलांगता को कवर करती है?

नहीं, वित्तीय सहायता केवल स्थायी आंशिक विकलांगता की स्थिति में प्रदान की जाती है।

संदर्भ

Guidelines
https://state.bihar.gov.in/labour/cache/40/14-May-21/SHOW_DOCS/Schemes-1.pdf

आवेदन करें

अभी आवेदन करें

आधिकारिक आवेदन या कार्यक्रम पोर्टल नए टैब में खुलता है। संदेह हो तो मंत्रालय की साइट पर विवरण सत्यापित करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना: स्थायी आंशिक विकलांगता का उद्देश्य क्या है?
बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना: स्थायी आंशिक विकलांगता एक सरकारी कल्याण पहल है जो व्यक्ति, व्यक्तिगत को स्वास्थ्य और कल्याण, वित्तीय सहायता, सब्सिडी, सामाजिक कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा या आजीविका संबंधी लाभों के माध्यम से सहायता प्रदान करने के लिए बनाई गई है।
बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना: स्थायी आंशिक विकलांगता के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना: स्थायी आंशिक विकलांगता की पात्रता आय श्रेणी, आयु, लिंग, व्यवसाय, निवास राज्य, सामाजिक श्रेणी और सरकार द्वारा निर्धारित लाभार्थी मानदंडों पर निर्भर हो सकती है।
बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना: स्थायी आंशिक विकलांगता के तहत क्या लाभ मिलते हैं?
बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना: स्थायी आंशिक विकलांगता के तहत वित्तीय सहायता, सब्सिडी, छात्रवृत्ति, बीमा सहायता, स्वास्थ्य लाभ, पेंशन सहायता, प्रशिक्षण या कल्याण सेवाएँ योजना दिशानिर्देशों के अनुसार मिल सकती हैं।
बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना: स्थायी आंशिक विकलांगता का प्रबंधन कौन-सा विभाग करता है?
बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना: स्थायी आंशिक विकलांगता का प्रबंधन श्रम संसाधन विभाग द्वारा किया जाता है और इसे जिला कार्यालयों, ऑनलाइन पोर्टल, CSC केंद्रों, बैंकों या अधिकृत सरकारी एजेंसियों के माध्यम से लागू किया जा सकता है।
क्या बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना: स्थायी आंशिक विकलांगता के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है?
हाँ, पात्र आवेदक आधिकारिक सरकारी पोर्टल, अधिकृत सेवा केंद्रों या डिजिटल आवेदन प्रणालियों के माध्यम से बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना: स्थायी आंशिक विकलांगता के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जैसा कि लागू प्रक्रिया में निर्धारित है।
क्या बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना: स्थायी आंशिक विकलांगता के लिए आधार अनिवार्य है?
कई सरकारी योजनाओं में लाभार्थी सत्यापन और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के लिए आधार सत्यापन, पहचान प्रमाण या लिंक्ड बैंक खाते की आवश्यकता हो सकती है।
बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना: स्थायी आंशिक विकलांगता के लिए आवेदन कहाँ किया जा सकता है?
बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना: स्थायी आंशिक विकलांगता के लिए आवेदन सरकारी विभागों, आधिकारिक योजना पोर्टल, CSC केंद्रों, जिला कार्यालयों, कल्याण विभागों या अधिकृत सेवा केंद्रों के माध्यम से जमा किए जा सकते हैं।
बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना: स्थायी आंशिक विकलांगता के लिए कौन-से दस्तावेज़ आवश्यक हो सकते हैं?
आवेदकों को आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण, बैंक खाता विवरण, जाति प्रमाण पत्र, फ़ोटो, शैक्षिक अभिलेख या व्यवसाय संबंधी दस्तावेज़ योजना पात्रता के अनुसार आवश्यक हो सकते हैं।
क्या बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना: स्थायी आंशिक विकलांगता के लिए आय प्रमाण पत्र आवश्यक है?
आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता लाभार्थी श्रेणी, सब्सिडी पात्रता और बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना: स्थायी आंशिक विकलांगता के तहत निर्धारित वित्तीय सहायता मानदंडों के अनुसार भिन्न हो सकती है।
क्या बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना: स्थायी आंशिक विकलांगता स्वास्थ्य या बीमा सहायता प्रदान करती है?
बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना: स्थायी आंशिक विकलांगता योजना संरचना के अनुसार स्वास्थ्य सहायता, बीमा कवर, कैशलेस उपचार, चिकित्सा प्रतिपूर्ति या अस्पताल संबंधी लाभ प्रदान कर सकती है।
क्या लाभार्थी सरकारी अस्पतालों में बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना: स्थायी आंशिक विकलांगता का उपयोग कर सकते हैं?
पात्र लाभार्थी योजना भागीदारी नियमों के अनुसार पैनल अस्पतालों, सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं या अधिकृत स्वास्थ्य प्रदाताओं पर सेवाएँ प्राप्त कर सकते हैं।
क्या CSC केंद्र बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना: स्थायी आंशिक विकलांगता के आवेदन में सहायता कर सकते हैं?
कई सरकारी योजनाएँ निकटवर्ती CSC केंद्रों, अधिकृत डिजिटल सेवा केंद्रों या कल्याण सुविधा कार्यालयों के माध्यम से उपलब्ध हो सकती हैं।
बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना: स्थायी आंशिक विकलांगता के नवीनतम अपडेट कैसे देखें?
उपयोगकर्ताओं को आधिकारिक अधिसूचनाएँ, विभागीय घोषणाएँ, आवेदन समय-सीमा और पात्रता अपडेट अधिकृत सरकारी पोर्टल या कार्यान्वयन एजेंसियों से सत्यापित करने चाहिए।
क्या बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना: स्थायी आंशिक विकलांगता के लिए आवेदन की समय-सीमा है?
कुछ योजनाएँ निश्चित आवेदन अवधि, वार्षिक पंजीकरण चक्र या विभाग-विशिष्ट समय-सीमा के अनुसार चल सकती हैं।
क्या बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना: स्थायी आंशिक विकलांगता के लिए आवेदन की स्थिति ट्रैक की जा सकती है?
कुछ योजनाएँ आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन ट्रैकिंग, लाभार्थी सत्यापन या स्थिति जाँच सुविधा प्रदान कर सकती हैं।
बिहार में बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना: स्थायी आंशिक विकलांगता के लिए सहायता कहाँ मिल सकती है?
बिहार के उपयोगकर्ति CSC केंद्रों, जिला कल्याण कार्यालयों, सरकारी विभागों, कृषि कार्यालयों, सामाजिक कल्याण विभागों या अधिकृत सुविधा केंद्रों से सहायता ले सकते हैं।
बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना: स्थायी आंशिक विकलांगता आवेदन में कौन-सी निकटवर्ती सार्वजनिक सेवाएँ सहायता कर सकती हैं?
योजना के अनुसार उपयोगकर्तियों को दस्तावेज़ सत्यापन और आवेदन सहायता के लिए आधार केंद्र, CSC केंद्र, बैंक, अस्पताल, डाकघर या सरकारी कल्याण कार्यालयों की आवश्यकता हो सकती है।