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पूर्व सैनिक की बिना संतान की विधवा को अतिरिक्त पेंशन
5.1/10सेवा के दौरान लेकिन युद्ध में नहीं मरने वाले पूर्व सैनिकों की विधवाओं को इस योजना के तहत ₹100 प्रति माह की अतिरिक्त पेंशन का अधिकार है। यह लाभ विधवा की मृत्यु या पुनर्विवाह तक जारी रहता है, पूर्व सैनिक की रैंक की परवाह किए बिना, और इसे जिला सैनिक बोर्ड द्वारा तिमाही रूप से वितरित किया जाता है।
राज्य / केंद्र शासित प्रदेश: हरियाणा
नोडल विभाग: सैनिक और अर्ध सैनिक कल्याण विभाग
योजना किसके लिए: व्यक्तिगत
योजना प्रोफ़ाइल
डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण): नहीं
श्रेणियाँ: सामाजिक कल्याण और सशक्तिकरण, महिला और बाल
उप-श्रेणियाँ: पेंशन
लक्षित लाभार्थी: व्यक्तिगत
टैग: विधवा, अतिरिक्त पेंशन, पूर्व सैनिक, सैनिक
विवरण
इस योजना के तहत, सेवा के दौरान मृत्यु होने वाले पूर्व सैनिक की विधवा को पेंशन राशि के अतिरिक्त ₹100/- प्रति माह की अतिरिक्त राशि प्रदान की जाती है, लेकिन किसी भी युद्ध में नहीं।
लाभ
- 1. पूर्व सैनिक की विधवा को
- उसकी रैंक की परवाह किए बिना
- उसकी मृत्यु या पुनर्विवाह तक ₹100/- प्रति माह की अतिरिक्त राशि दी जाती है। भुगतान का तरीका: प्रत्येक जिला सैनिक बोर्ड का सचिव अतिरिक्त पेंशन का भुगतान तिमाही आधार पर मनी ऑर्डर या नकद में करेगा
- जैसा कि सुविधाजनक हो।
- पूर्व सैनिक की विधवा को, उसकी रैंक की परवाह किए बिना, उसकी मृत्यु या पुनर्विवाह तक ₹100/- प्रति माह की अतिरिक्त राशि दी जाती है। भुगतान का तरीका: प्रत्येक जिला सैनिक बोर्ड का सचिव अतिरिक्त पेंशन का भुगतान तिमाही आधार पर मनी ऑर्डर या नकद में करेगा, जैसा कि सुविधाजनक हो।
पात्रता
- आवेदक पूर्व सैनिक की विधवा होनी चाहिए। 'विधवा' का अर्थ है उस सशस्त्र बल के सदस्य की विधवा जिसकी मृत्यु सेवा के दौरान हुई है लेकिन किसी भी युद्ध में नहीं। 1. विधवा को हरियाणा की निवासी होना चाहिए। 1. यह लाभ केवल उन पूर्व सैनिकों की विधवाओं को दिया जाता है जिनके बच्चे नहीं हैं, पूर्व सैनिक की रैंक की परवाह किए बिना, उसकी मृत्यु या पुनर्विवाह तक।
यह योजना कितनी उपयोगी है?
नागरिकों के लिए इस योजना का व्यावहारिक मूल्यांकन
AI द्वारा निर्मित अंतर्दृष्टि — यह दर्शाती है कि यह योजना नागरिकों के लिए कितनी उपयोगी, सुलभ और व्यावहारिक हो सकती है। (नियम-आधारित स्कोरिंग + सार्वजनिक नीति LLM विश्लेषक का संयुक्त परिणाम)
- सुलभता5.0
- वित्तीय प्रभाव4.0
- ग्रामीण उपयोगिता3.0
- जागरूकता4.5
- सरलता4.0
- समावेशिता9.0
यह योजना किस समस्या का समाधान करती है?
यह योजना पूर्व सैनिकों की विधवाओं को आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान करती है, यह सुनिश्चित करते हुए कि उन्हें अतिरिक्त पेंशन लाभ मिलें।
मुख्य चुनौतियाँ जिन्हें यह हल करती है
- पूर्व सैनिकों की विधवाओं के लिए वित्तीय सहायता
- बच्चों के बिना महिलाओं की आवश्यकताओं को संबोधित करना
सबसे अधिक लाभदायक
- पूर्व सैनिकों की विधवाएं
- ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं
संभावित चुनौतियाँ
- डिजिटल साक्षरता की बाधाएं
- योजना के बारे में जागरूकता
नागरिकों के लिए व्यावहारिक अंतर्दृष्टि
योजना डिजिटल बाधाओं के कारण लक्षित लाभार्थियों तक पहुंचने में चुनौतियों का सामना कर सकती है।
ग्रामीण चुनौतियाँ
- सीमित इंटरनेट पहुंच
- जागरूकता की कमी
डिजिटल चुनौतियाँ
- डिजिटल साक्षरता की आवश्यकता
- ऑनलाइन आवेदन पर निर्भरता
क्रियान्वयन की बाधाएँ
- सत्यापन में देरी
- योग्यता मानदंडों के बारे में जागरूकता
जागरूकता संबंधी चुनौतियाँ
- ग्रामीण क्षेत्रों में कम पहुंच
आवेदन विश्लेषण
- आवेदन का माध्यम
- ऑनलाइन पोर्टल
- दस्तावेज़ों का बोझ
- कम
- सत्यापन की जटिलता
- मध्यम
- कार्यालय निर्भरता
- कम
- DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) निर्भरता
- हाँ
- CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) सहायता
- सीमित
- अनुमानित नागरिक प्रयास
- मध्यम
अनुमानित लाभार्थी पहुँच
लाभ विश्लेषण
- लाभ का प्रकार
- नकद
- लाभ की आवृत्ति
- मासिक
- लाभ की व्यावहारिकता
- कम, क्योंकि राशि न्यूनतम है
- वित्तीय महत्व
- कम, छोटी राशि को देखते हुए
- दीर्घकालिक प्रभाव
- पुनर्विवाह या मृत्यु तक निरंतर समर्थन प्रदान करता है
सरल भाषा में मार्गदर्शन
यह योजना पूर्व सैनिकों की विधवाओं को जो बिना बच्चों की हैं, प्रति माह ₹100 का अतिरिक्त पेंशन प्रदान करती है। इसका उद्देश्य इन महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
- किसे आवेदन करना चाहिए
- हरियाणा में रहने वाली पूर्व सैनिकों की विधवाएं जिनके बच्चे नहीं हैं।
- किसे कठिनाई हो सकती है
- जिन महिलाओं के पास सीमित डिजिटल कौशल या इंटरनेट पहुंच है।
- सर्वोत्तम आवेदन मार्ग
- अंत्योदय-सरल पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करें।
यह इंटेलिजेंस अनुभाग AI नीति विश्लेषक और नियम-आधारित स्कोरिंग के संयुक्त उपयोग से बनाया गया है। यहाँ दिए गए स्कोर व विवरण इस पृष्ठ पर उपलब्ध सार्वजनिक योजना जानकारी से प्राप्त अनुमान हैं; वास्तविक अनुभव राज्य, ज़िले और विभाग के अनुसार बदल सकता है। आवेदन से पहले विवरण की पुष्टि आधिकारिक पोर्टल पर अवश्य करें।
आवेदन प्रक्रिया
ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया एंटीओदया-सरल पोर्टल पर:
चरण 01: पात्र आवेदक आधिकारिक पोर्टल- एंटीओदया-सरल पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकता है।
चरण 02: यदि आवेदक पोर्टल पर पंजीकृत नहीं है, तो वह वहां पंजीकरण कराता है।
चरण 03: पंजीकरण के लिए, 'साइन इन यहाँ' के तहत 'नया उपयोगकर्ता' पर क्लिक करें और सभी अनिवार्य विवरण भरें जैसे नाम, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर, पासवर्ड और राज्य। 'सबमिट' पर क्लिक करें।
चरण 04: प्राप्त ओटीपी के माध्यम से अपने मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी की पुष्टि करें और पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करें।
योजना के लिए आवेदन करने के लिए लॉगिन करें:
चरण 01: योजना के लाभ प्राप्त करने के लिए, आधिकारिक एंटीओदया-सरल पोर्टल पर जाएं और पंजीकरण के समय उपयोग की गई ईमेल आईडी के माध्यम से लॉगिन करें।
चरण 02: पासवर्ड और कैप्चा दर्ज करें और 'लॉगिन' पर क्लिक करें।
चरण 03: सफल लॉगिन के बाद, 'सेवाओं के लिए आवेदन करें' पर क्लिक करें और फिर 'सभी उपलब्ध सेवाएँ देखें' पर क्लिक करें।
चरण 04: अब, आप योजना की खोज कर सकते हैं और पूर्व-निर्धारित हलफनामा फॉर्म/टेम्पलेट डाउनलोड कर सकते हैं और आपको 'संलग्नक संलग्न करें' स्क्रीन में भरा हुआ/हस्ताक्षरित फॉर्म/टेम्पलेट अपलोड करने की आवश्यकता होगी।
चरण 05: आवेदन पत्र भरने के लिए 'आवेदन करने के लिए आगे बढ़ें' पर क्लिक करें। अपने परिवार पहचान पत्र संख्या- परिवार आईडी दर्ज करें और 'परिवार डेटा लाने के लिए यहाँ क्लिक करें' पर क्लिक करें जो दिए गए परिवार आईडी के तहत पंजीकृत परिवार के सदस्यों को प्रदर्शित करता है।
चरण 06: लाभार्थी/आवेदक का नाम चुनें और सत्यापन के लिए चयनित परिवार के सदस्य को भेजे गए ओटीपी को दर्ज करें। 'सत्यापित करने के लिए क्लिक करें' पर क्लिक करें।
चरण 07: सभी अनिवार्य विवरण भरें और सभी अनिवार्य दस्तावेज अपलोड करें।
चरण 08: आवेदन पत्र का पूर्वावलोकन करें और 'सबमिट' पर क्लिक करें।
आवेदन की ट्रैकिंग: आवेदक अपने आवेदन को आधिकारिक एंटीओदया-सरल पोर्टल के माध्यम से अपने विभाग का नाम, योजना का नाम और आवेदन संदर्भ आईडी दर्ज करके ट्रैक कर सकते हैं।
स्पष्टीकरण
myScheme पर प्रकाशित योजना सूचना से अतिरिक्त बिंदु (कानूनी सलाह नहीं)।
- इस योजना के तहत क्या लाभ प्रदान किया जाता है?
पूर्व सैनिक की विधवा को उसकी मृत्यु या पुनर्विवाह तक ₹100/- प्रति माह की अतिरिक्त राशि दी जाती है।
- इस योजना के लिए कौन पात्र है?
सेवा के दौरान लेकिन युद्ध में नहीं मरने वाले पूर्व सैनिक की विधवा, जिसके बच्चे नहीं हैं, और जो हरियाणा की निवासी है, पात्र है।
- क्या पूर्व सैनिक की रैंक अतिरिक्त पेंशन के लिए पात्रता को प्रभावित करती है?
नहीं, पूर्व सैनिक की रैंक पात्रता को प्रभावित नहीं करती।
- विधवा को अतिरिक्त पेंशन कब तक मिलेगी?
विधवा को उसकी मृत्यु या पुनर्विवाह तक अतिरिक्त पेंशन मिलेगी।
- इस योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
पात्र आवेदक एंटीओदया-सरल पोर्टल (https://saralharyana.gov.in/) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
- अतिरिक्त पेंशन राशि का वितरण कैसे किया जाता है?
अतिरिक्त पेंशन का वितरण तिमाही आधार पर मनी ऑर्डर या नकद में, सुविधानुसार किया जाता है।
- अतिरिक्त पेंशन के भुगतान के लिए कौन जिम्मेदार है?
प्रत्येक जिला सैनिक बोर्ड का सचिव भुगतान करने के लिए जिम्मेदार है।
- यदि विधवा पुनर्विवाह करती है तो क्या होगा?
विधवा के पुनर्विवाह पर अतिरिक्त पेंशन बंद कर दी जाएगी।
आधिकारिक लिंक
संदर्भ
- Scheme Details
- https://kms.saralharyana.nic.in/ViewDoc?Id=cXdgTRUHEKzvcHb09M5Ylg%3d%3d
- Notification
- https://csharyana.gov.in/WriteReadData/Policies/Defence-II/2526.pdf
- Antyodaya-SARAL Portal
- https://saralharyana.gov.in/
आवेदन करें
अभी आवेदन करेंआधिकारिक आवेदन या कार्यक्रम पोर्टल नए टैब में खुलता है। संदेह हो तो मंत्रालय की साइट पर विवरण सत्यापित करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- पूर्व सैनिक की बिना संतान की विधवा को अतिरिक्त पेंशन का उद्देश्य क्या है?
- पूर्व सैनिक की बिना संतान की विधवा को अतिरिक्त पेंशन एक सरकारी कल्याण पहल है जो व्यक्तिगत, व्यक्तिगत को सामाजिक कल्याण और सशक्तिकरण, वित्तीय सहायता, सब्सिडी, सामाजिक कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा या आजीविका संबंधी लाभों के माध्यम से सहायता प्रदान करने के लिए बनाई गई है।
- पूर्व सैनिक की बिना संतान की विधवा को अतिरिक्त पेंशन के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
- पूर्व सैनिक की बिना संतान की विधवा को अतिरिक्त पेंशन की पात्रता आय श्रेणी, आयु, लिंग, व्यवसाय, निवास राज्य, सामाजिक श्रेणी और सरकार द्वारा निर्धारित लाभार्थी मानदंडों पर निर्भर हो सकती है।
- पूर्व सैनिक की बिना संतान की विधवा को अतिरिक्त पेंशन के तहत क्या लाभ मिलते हैं?
- पूर्व सैनिक की बिना संतान की विधवा को अतिरिक्त पेंशन के तहत वित्तीय सहायता, सब्सिडी, छात्रवृत्ति, बीमा सहायता, स्वास्थ्य लाभ, पेंशन सहायता, प्रशिक्षण या कल्याण सेवाएँ योजना दिशानिर्देशों के अनुसार मिल सकती हैं।
- पूर्व सैनिक की बिना संतान की विधवा को अतिरिक्त पेंशन का प्रबंधन कौन-सा विभाग करता है?
- पूर्व सैनिक की बिना संतान की विधवा को अतिरिक्त पेंशन का प्रबंधन सैनिक और अर्ध सैनिक कल्याण विभाग द्वारा किया जाता है और इसे जिला कार्यालयों, ऑनलाइन पोर्टल, CSC केंद्रों, बैंकों या अधिकृत सरकारी एजेंसियों के माध्यम से लागू किया जा सकता है।
- क्या पूर्व सैनिक की बिना संतान की विधवा को अतिरिक्त पेंशन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है?
- हाँ, पात्र आवेदक आधिकारिक सरकारी पोर्टल, अधिकृत सेवा केंद्रों या डिजिटल आवेदन प्रणालियों के माध्यम से पूर्व सैनिक की बिना संतान की विधवा को अतिरिक्त पेंशन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जैसा कि लागू प्रक्रिया में निर्धारित है।
- क्या पूर्व सैनिक की बिना संतान की विधवा को अतिरिक्त पेंशन के लिए आधार अनिवार्य है?
- कई सरकारी योजनाओं में लाभार्थी सत्यापन और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के लिए आधार सत्यापन, पहचान प्रमाण या लिंक्ड बैंक खाते की आवश्यकता हो सकती है।
- पूर्व सैनिक की बिना संतान की विधवा को अतिरिक्त पेंशन के लिए आवेदन कहाँ किया जा सकता है?
- पूर्व सैनिक की बिना संतान की विधवा को अतिरिक्त पेंशन के लिए आवेदन सरकारी विभागों, आधिकारिक योजना पोर्टल, CSC केंद्रों, जिला कार्यालयों, कल्याण विभागों या अधिकृत सेवा केंद्रों के माध्यम से जमा किए जा सकते हैं।
- पूर्व सैनिक की बिना संतान की विधवा को अतिरिक्त पेंशन के लिए कौन-से दस्तावेज़ आवश्यक हो सकते हैं?
- आवेदकों को आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण, बैंक खाता विवरण, जाति प्रमाण पत्र, फ़ोटो, शैक्षिक अभिलेख या व्यवसाय संबंधी दस्तावेज़ योजना पात्रता के अनुसार आवश्यक हो सकते हैं।
- क्या पूर्व सैनिक की बिना संतान की विधवा को अतिरिक्त पेंशन केवल महिला लाभार्थियों के लिए है?
- पूर्व सैनिक की बिना संतान की विधवा को अतिरिक्त पेंशन मुख्य रूप से पात्र महिला लाभार्थियों को कल्याण सहायता, वित्तीय सहायता, कौशल विकास, स्वास्थ्य या सामाजिक सुरक्षा पहलों के माध्यम से सहायता के लिए है।
- क्या पूर्व सैनिक की बिना संतान की विधवा को अतिरिक्त पेंशन महिलाओं के लिए स्वरोजगार या वित्तीय सहायता प्रदान करती है?
- योजना दिशानिर्देशों के अनुसार पूर्व सैनिक की बिना संतान की विधवा को अतिरिक्त पेंशन महिलाओं के लिए ऋण, सब्सिडी, प्रशिक्षण, स्वरोजगार सहायता या वित्तीय कल्याण लाभ प्रदान कर सकती है।
- पूर्व सैनिक की बिना संतान की विधवा को अतिरिक्त पेंशन के तहत पेंशन लाभ के लिए कौन पात्र है?
- पात्रता आयु, आय श्रेणी, सामाजिक कल्याण मानदंड, विकलांगता स्थिति, विधवा स्थिति या वरिष्ठ नागरिक वर्गीकरण पर निर्भर हो सकती है।
- पूर्व सैनिक की बिना संतान की विधवा को अतिरिक्त पेंशन के तहत पेंशन लाभ कैसे दिए जाते हैं?
- पूर्व सैनिक की बिना संतान की विधवा को अतिरिक्त पेंशन के तहत पेंशन सहायता प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT), लिंक्ड बैंक खाते, डाकघर खाते या कल्याण विभाग भुगतान प्रणालियों के माध्यम से स्थानांतरित की जा सकती है।
- क्या CSC केंद्र पूर्व सैनिक की बिना संतान की विधवा को अतिरिक्त पेंशन के आवेदन में सहायता कर सकते हैं?
- कई सरकारी योजनाएँ निकटवर्ती CSC केंद्रों, अधिकृत डिजिटल सेवा केंद्रों या कल्याण सुविधा कार्यालयों के माध्यम से उपलब्ध हो सकती हैं।
- पूर्व सैनिक की बिना संतान की विधवा को अतिरिक्त पेंशन के नवीनतम अपडेट कैसे देखें?
- उपयोगकर्ताओं को आधिकारिक अधिसूचनाएँ, विभागीय घोषणाएँ, आवेदन समय-सीमा और पात्रता अपडेट अधिकृत सरकारी पोर्टल या कार्यान्वयन एजेंसियों से सत्यापित करने चाहिए।
- क्या पूर्व सैनिक की बिना संतान की विधवा को अतिरिक्त पेंशन के लिए आवेदन की स्थिति ट्रैक की जा सकती है?
- कुछ योजनाएँ आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन ट्रैकिंग, लाभार्थी सत्यापन या स्थिति जाँच सुविधा प्रदान कर सकती हैं।
- हरियाणा में पूर्व सैनिक की बिना संतान की विधवा को अतिरिक्त पेंशन के लिए सहायता कहाँ मिल सकती है?
- हरियाणा के उपयोगकर्ति CSC केंद्रों, जिला कल्याण कार्यालयों, सरकारी विभागों, कृषि कार्यालयों, सामाजिक कल्याण विभागों या अधिकृत सुविधा केंद्रों से सहायता ले सकते हैं।
- पूर्व सैनिक की बिना संतान की विधवा को अतिरिक्त पेंशन आवेदन में कौन-सी निकटवर्ती सार्वजनिक सेवाएँ सहायता कर सकती हैं?
- योजना के अनुसार उपयोगकर्तियों को दस्तावेज़ सत्यापन और आवेदन सहायता के लिए आधार केंद्र, CSC केंद्र, बैंक, अस्पताल, डाकघर या सरकारी कल्याण कार्यालयों की आवश्यकता हो सकती है।