PMKSY:PDMC
प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना: प्रति बूंद अधिक फसल
6.1/10यह योजना “प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना: प्रति बूंद अधिक फसल” कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 1 जुलाई 2015 को शुरू की गई थी। यह योजना मुख्य रूप से सूक्ष्म सिंचाई के माध्यम से खेत स्तर पर जल उपयोग दक्षता पर केंद्रित है।
राज्य / केंद्र शासित प्रदेश: All India
मंत्रालय / नोडल: कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय
नोडल विभाग: कृषि और सहयोग विभाग
योजना किसके लिए: व्यक्तिगत
योजना प्रोफ़ाइल
डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण): हाँ
योजना प्रारंभ तिथि: 2015-07-01
श्रेणियाँ: कृषि, ग्रामीण व पर्यावरण
उप-श्रेणियाँ: Land and water resources, Mechanization- solar power, farming systems
लक्षित लाभार्थी: व्यक्तिगत
टैग: कृषि, फसल, किसान, सिंचाई, जल संचयन, जल प्रबंधन
विवरण
यह योजना “प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना: प्रति बूंद अधिक फसल” कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 1 जुलाई 2015 को शुरू की गई थी। यह योजना मुख्य रूप से सूक्ष्म सिंचाई (ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली) के माध्यम से खेत स्तर पर जल उपयोग दक्षता बढ़ाने पर केंद्रित है। इसके अलावा, यह सूक्ष्म स्तर पर जल भंडारण और जल संरक्षण/प्रबंधन गतिविधियों का समर्थन करती है।
लाभ
- - सूक्ष्म सिंचाई के तहत सिंचाई घटकों की स्थापना के लिए किसानों को वित्तीय सहायता। - चयनित फसलों के लिए किसानों के खेत में ड्रिप या स्प्रिंकलर सिंचाई की स्थापना। - सिंचाई प्रणाली की स्थापना किसान स्वयं या किसी अनुमोदित सूक्ष्म सिंचाई कंपनियों द्वारा की जा सकती है। - सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत लाभार्थी को दी जाने वाली सहायता का पैटर्न छोटे और सीमांत किसानों के लिए 55% और अन्य किसानों के लिए 45% होगा। - किसानों के खातों में सीधे लाभ हस्तांतरण। - किसानों को जल संचयन संरचनाओं, जल उठाने के उपकरण, और खेत के तालाब की खुदाई जैसे अन्य हस्तक्षेपों के तहत लाभ भी मिल सकते हैं।
- सूक्ष्म सिंचाई के तहत सिंचाई घटकों की स्थापना के लिए किसानों को वित्तीय सहायता। - चयनित फसलों के लिए किसानों के खेत में ड्रिप या स्प्रिंकलर सिंचाई की स्थापना। - सिंचाई प्रणाली की स्थापना किसान स्वयं या किसी अनुमोदित सूक्ष्म सिंचाई कंपनियों द्वारा की जा सकती है। - सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत लाभार्थी को दी जाने वाली सहायता का पैटर्न छोटे और सीमांत किसानों के लिए 55% और अन्य किसानों के लिए 45% होगा। - किसानों के खातों में सीधे लाभ हस्तांतरण। - किसानों को जल संचयन संरचनाओं, जल उठाने के उपकरण, और खेत के तालाब की खुदाई जैसे अन्य हस्तक्षेपों के तहत लाभ भी मिल सकते हैं।
पात्रता
- आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए। 2. राज्य और संघ शासित प्रदेश के सभी किसान इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र हैं। 3. लाभार्थी को दी जाने वाली सब्सिडी 5 हेक्टेयर प्रति लाभार्थी की कुल सीमा तक सीमित होगी। नोट 01: लाभार्थी को योजना के तहत केवल BIS-चिह्नित प्रणाली/घटक खरीदने होंगे। नोट 02: यह योजना सीधे लाभ हस्तांतरण (DBT) की प्रणाली के माध्यम से लागू की जाएगी।
यह योजना कितनी उपयोगी है?
नागरिकों के लिए इस योजना का व्यावहारिक मूल्यांकन
AI द्वारा निर्मित अंतर्दृष्टि — यह दर्शाती है कि यह योजना नागरिकों के लिए कितनी उपयोगी, सुलभ और व्यावहारिक हो सकती है। (नियम-आधारित स्कोरिंग + सार्वजनिक नीति LLM विश्लेषक का संयुक्त परिणाम)
- सुलभता7.0
- वित्तीय प्रभाव5.0
- ग्रामीण उपयोगिता7.0
- जागरूकता8.5
- सरलता4.0
- समावेशिता5.0
यह योजना किस समस्या का समाधान करती है?
यह योजना कृषि में सूक्ष्म सिंचाई के माध्यम से जल उपयोग दक्षता को बढ़ाने का लक्ष्य रखती है, जिससे भारत भर के किसानों को लाभ होगा।
मुख्य चुनौतियाँ जिन्हें यह हल करती है
- कृषि में जल की कमी
- अप्रभावी सिंचाई के कारण कम फसल उत्पादकता
सबसे अधिक लाभदायक
- छोटे और सीमांत किसान
- जल की कमी वाले क्षेत्रों के किसान
संभावित चुनौतियाँ
- किसानों के बीच योजना के बारे में जागरूकता
- अर्ध-शिक्षित व्यक्तियों के लिए आवेदन प्रक्रिया की जटिलता
नागरिकों के लिए व्यावहारिक अंतर्दृष्टि
यह योजना व्यावहारिक है लेकिन किसानों को सूचित करने के लिए महत्वपूर्ण outreach की आवश्यकता है।
ग्रामीण चुनौतियाँ
- योजना के बारे में सीमित जागरूकता
- स्थानीय कृषि कार्यालयों तक पहुंच
डिजिटल चुनौतियाँ
- ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता कम
- ऑनलाइन संसाधनों तक सीमित पहुंच
क्रियान्वयन की बाधाएँ
- राज्य और केंद्रीय सरकार के बीच समन्वय
- स्थानीय कृषि विभागों पर निर्भरता
जागरूकता संबंधी चुनौतियाँ
- किसान लाभ और आवेदन प्रक्रिया के बारे में जागरूक नहीं हो सकते
आवेदन विश्लेषण
- आवेदन का माध्यम
- ऑफलाइन कार्यालय
- दस्तावेज़ों का बोझ
- मध्यम, आत्म-प्रमाणित दस्तावेजों की आवश्यकता
- सत्यापन की जटिलता
- मध्यम, स्थानीय कृषि कार्यालय शामिल है
- कार्यालय निर्भरता
- उच्च, स्थानीय कृषि कार्यालयों के साथ बातचीत की आवश्यकता
- DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) निर्भरता
- हाँ, लाभ सीधे लाभ हस्तांतरण के माध्यम से प्रदान किए जाते हैं
- CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) सहायता
- सीमित, मुख्य रूप से स्थानीय कृषि कार्यालयों के माध्यम से
- अनुमानित नागरिक प्रयास
- मध्यम, आवेदन पूरा करने के लिए कई चरणों की आवश्यकता
अनुमानित लाभार्थी पहुँच
लाभ विश्लेषण
- लाभ का प्रकार
- प्रकृति में
- लाभ की आवृत्ति
- सिंचाई प्रणालियों की स्थापना के लिए एक बार की सहायता
- लाभ की व्यावहारिकता
- उच्च, क्योंकि यह सीधे सिंचाई अवसंरचना का समर्थन करता है
- वित्तीय महत्व
- मध्यम, क्योंकि सहायता योग्य किसानों के लिए लागत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा कवर करती है
- दीर्घकालिक प्रभाव
- सकारात्मक, क्योंकि इसका उद्देश्य कृषि उत्पादकता और जल प्रबंधन में सुधार करना है
सरल भाषा में मार्गदर्शन
किसान सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं, जो जल का अधिक कुशलता से उपयोग करने में मदद करती हैं। यह योजना फसल उत्पादकता में सुधार और जल संसाधनों के प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए है।
- किसे आवेदन करना चाहिए
- वे किसान जो अपने खेतों में सिंचाई में सुधार करना चाहते हैं।
- किसे कठिनाई हो सकती है
- अर्ध-शिक्षित किसान आवेदन प्रक्रिया को चुनौतीपूर्ण पा सकते हैं।
- सर्वोत्तम आवेदन मार्ग
- ग्राम पंचायत की सहायता से स्थानीय कृषि कार्यालय के माध्यम से आवेदन करें।
यह इंटेलिजेंस अनुभाग AI नीति विश्लेषक और नियम-आधारित स्कोरिंग के संयुक्त उपयोग से बनाया गया है। यहाँ दिए गए स्कोर व विवरण इस पृष्ठ पर उपलब्ध सार्वजनिक योजना जानकारी से प्राप्त अनुमान हैं; वास्तविक अनुभव राज्य, ज़िले और विभाग के अनुसार बदल सकता है। आवेदन से पहले विवरण की पुष्टि आधिकारिक पोर्टल पर अवश्य करें।
आवेदन प्रक्रिया
ऑफलाइन
चरण 1: किसान, अपने खेत और क्षेत्र की आवश्यकता के आधार पर, अपने संबंधित ग्राम पंचायत के माध्यम से अपने ब्लॉक/जिला कृषि कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, किसान अपने ब्लॉक/जिला के कृषि अधिकारी से भी संपर्क कर सकते हैं या किसान कॉल सेंटर (टोल-फ्री नंबर 1800-180-1551) पर कॉल कर सकते हैं।
चरण 2: किसान संबंधित प्राधिकरण से संपर्क कर योजना के लिए आवेदन पत्र मांग सकते हैं/एकत्र कर सकते हैं।
चरण 3: आवेदन पत्र में सभी अनिवार्य क्षेत्रों को भरें, पासपोर्ट आकार की फोटो चिपकाएं (साइन की हुई) और सभी (स्व-प्रमाणित) अनिवार्य दस्तावेज संलग्न करें।
चरण 4: भरा हुआ और साइन किया हुआ आवेदन पत्र सभी दस्तावेजों के साथ निर्धारित प्राप्त करने वाली प्राधिकरण को जमा करें।
चरण 5: प्राप्त करने वाली प्राधिकरण से आवेदन पत्र के सफल जमा होने की रसीद/स्वीकृति प्राप्त करें।
स्पष्टीकरण
myScheme पर प्रकाशित योजना सूचना से अतिरिक्त बिंदु (कानूनी सलाह नहीं)।
- यह योजना किस पर केंद्रित है?
यह योजना मुख्य रूप से सूक्ष्म सिंचाई (ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली) के माध्यम से खेत स्तर पर जल उपयोग दक्षता बढ़ाने पर केंद्रित है। इसके अलावा, यह सूक्ष्म स्तर पर जल भंडारण और जल संरक्षण/प्रबंधन गतिविधियों का समर्थन करती है।
- इस योजना को किस मंत्रालय ने शुरू किया है?
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार
- यह योजना कब शुरू की गई थी?
यह योजना 1 जुलाई 2015 को शुरू की गई थी।
- प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के घटक क्या हैं?
इसमें चार घटक शामिल हैं: (i) त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (AIBP), (ii) हर खेत को पानी, (iii) जलग्रहण विकास, (iv) प्रति बूंद अधिक फसल।
- क्या यह एक केंद्रीय प्रायोजित योजना है?
हाँ, यह एक केंद्रीय प्रायोजित योजना है।
- सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत लाभार्थी को दी जाने वाली सहायता का पैटर्न क्या है?
सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत लाभार्थी को दी जाने वाली सहायता का पैटर्न छोटे और सीमांत किसानों के लिए 55% और अन्य किसानों के लिए 45% होगा।
- केंद्रीय सरकार और उत्तर पूर्वी राज्यों का शेयर प्रतिशत क्या है?
शेयरिंग का अनुपात 90:10 है।
- योजना के तहत संघ शासित प्रदेशों के लिए फंडिंग पैटर्न क्या है?
संघ शासित प्रदेशों के लिए फंडिंग पैटर्न 100% केंद्रीय सरकार द्वारा अनुदान है।
- किस प्रकार से किसानों को इस योजना से लाभ होगा?
योजना के तहत, किसानों को उनके खेत के तालाबों और सूक्ष्म सिंचाई के साधनों जैसे स्प्रिंकलर सिंचाई और ड्रिप सिंचाई उपकरण के लिए समर्थन मिल सकता है।
- योजना के लिए कौन पात्र है?
राज्य और संघ शासित प्रदेश के सभी किसान इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र हैं।
- किसान योजना के तहत वित्तीय सहायता के लिए कितने हेक्टेयर तक लाभ ले सकते हैं?
सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता लाभार्थी के लिए 5 हेक्टेयर की कुल सीमा तक सीमित होगी।
- किसान योजना के तहत वित्तीय सहायता कैसे प्राप्त करेंगे?
यह योजना सीधे लाभ हस्तांतरण (DBT) की प्रणाली के माध्यम से लागू की जाएगी।
- क्या लाभार्थी के लिए लाभ प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है?
हाँ, लाभार्थी के आधार विवरण कार्यक्रम के लाभ को प्राप्त करने के लिए आवश्यक हैं।
- PMKSY (प्रति बूंद अधिक फसल) को लागू करने के लिए नोडल विभाग कौन सा है?
राज्य कृषि विभाग PMKSY (प्रति बूंद अधिक फसल) के कार्यान्वयन के लिए नोडल विभाग हो सकता है।
- राज्य सरकार नोडल विभागों की पहचान कैसे करेगी?
राज्य सरकार प्रति बूंद अधिक फसल के कार्यान्वयन के लिए समर्पित कार्यान्वयन एजेंसियों/विभागों की पहचान करने के लिए स्वतंत्र है।
- मैं योजना के तहत कैसे आवेदन कर सकता हूँ?
किसान, अपने खेत और क्षेत्र की आवश्यकता के आधार पर, अपने संबंधित ग्राम पंचायत के माध्यम से अपने ब्लॉक/जिला कृषि कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
आधिकारिक लिंक
संदर्भ
- Guideline
- https://pmksy.gov.in/microirrigation/Archive/Revised%20PDMC%20GL%202021.pdf
- Official Website
- https://pmksy.gov.in/
आवेदन करें
अभी आवेदन करेंआधिकारिक आवेदन या कार्यक्रम पोर्टल नए टैब में खुलता है। संदेह हो तो मंत्रालय की साइट पर विवरण सत्यापित करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना: प्रति बूंद अधिक फसल का उद्देश्य क्या है?
- प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना: प्रति बूंद अधिक फसल एक सरकारी कल्याण पहल है जो व्यक्तिगत, व्यक्तिगत को कृषि, ग्रामीण व पर्यावरण, वित्तीय सहायता, सब्सिडी, सामाजिक कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा या आजीविका संबंधी लाभों के माध्यम से सहायता प्रदान करने के लिए बनाई गई है।
- प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना: प्रति बूंद अधिक फसल के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
- प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना: प्रति बूंद अधिक फसल की पात्रता आय श्रेणी, आयु, लिंग, व्यवसाय, निवास राज्य, सामाजिक श्रेणी और सरकार द्वारा निर्धारित लाभार्थी मानदंडों पर निर्भर हो सकती है।
- प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना: प्रति बूंद अधिक फसल के तहत क्या लाभ मिलते हैं?
- प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना: प्रति बूंद अधिक फसल के तहत वित्तीय सहायता, सब्सिडी, छात्रवृत्ति, बीमा सहायता, स्वास्थ्य लाभ, पेंशन सहायता, प्रशिक्षण या कल्याण सेवाएँ योजना दिशानिर्देशों के अनुसार मिल सकती हैं।
- प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना: प्रति बूंद अधिक फसल का प्रबंधन कौन-सा विभाग करता है?
- प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना: प्रति बूंद अधिक फसल का प्रबंधन कृषि और सहयोग विभाग द्वारा किया जाता है और इसे जिला कार्यालयों, ऑनलाइन पोर्टल, CSC केंद्रों, बैंकों या अधिकृत सरकारी एजेंसियों के माध्यम से लागू किया जा सकता है।
- क्या प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना: प्रति बूंद अधिक फसल के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है?
- हाँ, पात्र आवेदक आधिकारिक सरकारी पोर्टल, अधिकृत सेवा केंद्रों या डिजिटल आवेदन प्रणालियों के माध्यम से प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना: प्रति बूंद अधिक फसल के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जैसा कि लागू प्रक्रिया में निर्धारित है।
- क्या प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना: प्रति बूंद अधिक फसल के लिए आधार अनिवार्य है?
- कई सरकारी योजनाओं में लाभार्थी सत्यापन और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के लिए आधार सत्यापन, पहचान प्रमाण या लिंक्ड बैंक खाते की आवश्यकता हो सकती है।
- प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना: प्रति बूंद अधिक फसल के लिए आवेदन कहाँ किया जा सकता है?
- प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना: प्रति बूंद अधिक फसल के लिए आवेदन सरकारी विभागों, आधिकारिक योजना पोर्टल, CSC केंद्रों, जिला कार्यालयों, कल्याण विभागों या अधिकृत सेवा केंद्रों के माध्यम से जमा किए जा सकते हैं।
- प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना: प्रति बूंद अधिक फसल के लिए कौन-से दस्तावेज़ आवश्यक हो सकते हैं?
- आवेदकों को आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण, बैंक खाता विवरण, जाति प्रमाण पत्र, फ़ोटो, शैक्षिक अभिलेख या व्यवसाय संबंधी दस्तावेज़ योजना पात्रता के अनुसार आवश्यक हो सकते हैं।
- क्या प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना: प्रति बूंद अधिक फसल के लिए आय प्रमाण पत्र आवश्यक है?
- आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता लाभार्थी श्रेणी, सब्सिडी पात्रता और प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना: प्रति बूंद अधिक फसल के तहत निर्धारित वित्तीय सहायता मानदंडों के अनुसार भिन्न हो सकती है।
- क्या छोटे और सीमांत किसान प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना: प्रति बूंद अधिक फसल के लिए आवेदन कर सकते हैं?
- पात्र छोटे और सीमांत किसान भूमि स्वामित्व अभिलेख, आय पात्रता और कृषि लाभार्थी मानदंडों के अधीन प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना: प्रति बूंद अधिक फसल के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- क्या प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना: प्रति बूंद अधिक फसल किसानों को सब्सिडी सहायता प्रदान करती है?
- प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना: प्रति बूंद अधिक फसल योजना संरचना के अनुसार कृषि सब्सिडी, वित्तीय सहायता, फसल सहायता, सिंचाई लाभ, बीमा कवर या कृषि संबंधी कल्याण सहायता प्रदान कर सकती है।
- क्या CSC केंद्र प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना: प्रति बूंद अधिक फसल के आवेदन में सहायता कर सकते हैं?
- कई सरकारी योजनाएँ निकटवर्ती CSC केंद्रों, अधिकृत डिजिटल सेवा केंद्रों या कल्याण सुविधा कार्यालयों के माध्यम से उपलब्ध हो सकती हैं।
- प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना: प्रति बूंद अधिक फसल के नवीनतम अपडेट कैसे देखें?
- उपयोगकर्ताओं को आधिकारिक अधिसूचनाएँ, विभागीय घोषणाएँ, आवेदन समय-सीमा और पात्रता अपडेट अधिकृत सरकारी पोर्टल या कार्यान्वयन एजेंसियों से सत्यापित करने चाहिए।
- क्या प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना: प्रति बूंद अधिक फसल के लिए आवेदन की समय-सीमा है?
- कुछ योजनाएँ निश्चित आवेदन अवधि, वार्षिक पंजीकरण चक्र या विभाग-विशिष्ट समय-सीमा के अनुसार चल सकती हैं।
- क्या प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना: प्रति बूंद अधिक फसल के लिए आवेदन की स्थिति ट्रैक की जा सकती है?
- कुछ योजनाएँ आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन ट्रैकिंग, लाभार्थी सत्यापन या स्थिति जाँच सुविधा प्रदान कर सकती हैं।
- All India में प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना: प्रति बूंद अधिक फसल के लिए सहायता कहाँ मिल सकती है?
- All India के उपयोगकर्ति CSC केंद्रों, जिला कल्याण कार्यालयों, सरकारी विभागों, कृषि कार्यालयों, सामाजिक कल्याण विभागों या अधिकृत सुविधा केंद्रों से सहायता ले सकते हैं।
- प्रधान मंत्री कृषि सिंचाई योजना: प्रति बूंद अधिक फसल आवेदन में कौन-सी निकटवर्ती सार्वजनिक सेवाएँ सहायता कर सकती हैं?
- योजना के अनुसार उपयोगकर्तियों को दस्तावेज़ सत्यापन और आवेदन सहायता के लिए आधार केंद्र, CSC केंद्र, बैंक, अस्पताल, डाकघर या सरकारी कल्याण कार्यालयों की आवश्यकता हो सकती है।